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खाता नहीं खुलने से छात्रों को नहीं मिल रही मध्याह्न भोजन की राशि

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Dhanbad : मध्याह्न भोजन को लेकर जिले में 30 हजार बच्चों का खाता नही खुला है, खाता नहीं खुलेगा तो मध्याह्न भोजन पर भी आफत आ जाएगी. हालांकि झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, रांची से आदेश आते ही धनबाद के शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है.

     1 लाख 15 हजार छात्रों का खाता खुला

छात्र - छात्राओं का खाता खोलने के लिए विभाग कई बैंकों से संपर्क कर रहा है. बता दें कि 1 लाख 45 हजार बच्चों में 1 लाख 15 हजार का खाता खुला है. 22,680 छात्र- छात्राओं के खाते में पैसा चला भी गया है. विभाग ने बताया कि लगभग 88378 का तकनीकी कारणों से रुका हुआ है.

     सरकारी बैंक कर रहे आनाकानी

छात्र - छात्राओं को डीबीटी के माध्यम से पैसा ट्रांसफर किया जाएगा. बच्चों का बचत खाता एचडीएफसी बैंक में खुलवाया जा रहा है. मुख्यालय की ओर से डीबीटी के जरिये हस्तांतरित करने के लिए राशि निर्गत की जा चुकी है. राशि हस्तांतरण की समीक्षा में पाया गया कि बैंक खाता के अभाव में डीबीटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण नहीं किया जा सका है. कई छात्रों का पहले से बैंक में खाता है. सरकारी बैंकों की आनाकानी के बाद अब इन छात्रों का खाता एचडीएफसी बैंक में खोला जाएगा.

  एचडीएफसी कैंप लगा कर खोल रहा खाता

जिला शिक्षा अधीक्षक इंद्र भूषण सिंह ने बताया कि एमडीएम की राशि प्राप्त हो गई है. डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में भेजा जाना है. 30 हजार छात्र ऐसे हैं, जिनका बैंक खाता नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों से संपर्क किया गया मगर बैंक आनाकानी कर रहे हैं. डीएसई ने कहा कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को आदेश दिया गया है कि प्राथमिकता के आधार पर बच्चों का खाता खुलवाएं. एचडीएफसी बैंक ब्लॉक में कैम्प लगाकर खाता खोल रहा है. उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक को भी बुलाया गया था, उनसे भी खाता खोलने को कहा गया है. वही ब्लॉक रिसोर्स सेंटर को-ऑर्डिनेटर ( BRCC)  को कहा गया है कि छात्र- छात्राओं से संपर्क कर खाता खुलवाए.

  मध्याह्न भोजन में छात्रों को मिलने वाली राशि

क्लास 1 से 5 क्लास तक के छात्र- छात्राओं को 4.97 की दर से 134 दिन का  665.98 रुपये भुगतान किया जाता है. छात्र-छात्राओं को 100 ग्राम सूखा राशन दिया जाता है. क्लास 6 से 8 तक के छात्र- छात्राओं को 7.45 पैसे की दर से 134 दिन का 998.3 रुपये भुगतान किया जाता है. इन छात्रों को 150 ग्राम सूखा चावल दिया जाता है. यह भी पढ़ें : निरसा">https://lagatar.in/nirsa-three-illegal-coal-laden-trucks-caught-in-mugma/">निरसा

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