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पेट्रोल पंपों के बंद रहने से सरकार को कोल्‍हान से ढाई करोड़ से अधिक का राजस्‍व खोना पड़ा

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alt="" width="300" height="200" /> Jamshedpur : कोल्हान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को कोल्हान के सभी पेट्रोल पंप बंद रहे. पेट्रोल पंप बंद होने से जहां लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा वहीं झारखंड सरकार को करीब दो करोड़ 87 लाख 98 हजार के राजस्‍व से हाथ धोना पड़ा.

वैट घटने से डीजल की बिक्री बढ़ेगी

एसोसिएशन के संयुक्त सचिव राजीव सिंह ने लगातार न्यूज को बताया कि झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की मांगें नई नहीं है. सरकार से डीजल पर पांच प्रतिशत वैट घटाने का आग्रह किया गया है. बढ़ती महंगाई को देखते हुए एसोसिएशन द्वारा सरकार से केवल डीजल पर पांच प्रतिशत वैट घटाने का आग्रह किया, जिससे लोगों को राहत मिलेगी और डीजल के अधिक खपत से सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा. श्री सिंह ने बताया कि एसोसिएशन पिछले कई महीनों से सरकार से डीजल पर वैट कम करने की मांग कर रही है, लेकिन सरकार द्वारा एसोसिएशन के मांगों पर अब तक कोई विचार नहीं किया गया.  शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को सरकार ने डीजल से वैट कम करने से इन्कार कर दिया.

कोल्हान में प्रतिदिन लगभग 7 लाख 26 हजार किलो लीटर पेट्रोल व 12 लाख 10 हजार किलो लीटर डीजल की खपत

उन्‍होंने बताया कि पूरे कोल्हान में कुल 242 पेट्रोल पंप हैं  और प्रतिदिन पूरे कोल्हान में लगभग 7 लाख 26 हजार किलो लीटर पेट्रोल व 12 लाख 10 हजार किलो लीटर डीजल की खपत होती है. वर्तमान दर से राज्य सरकार को पेट्रोल पर प्रति लीटर करीब 17 रुपया वैट और 1 रुपया सेस कुल 18 रुपया राजस्व प्राप्त होता है जबकि डीजल पर प्रति लीटर करीब  12 रुपया वैट और 1 रुपया सेस कुल 13 रुपया राजस्व प्राप्त होता है. इस प्रकार एक दिन की हड़ताल से सिर्फ राज्‍य सरकार को करीब 2 करोड़ 87 लाख 98 हजार रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है.

सीमावर्ती क्षेत्र के लोग डीजल के लिए बिहार, ओडिसा, प. बंगाल का कर रहे रुख

एसोसिएशन के संयुक्त सचिव ने बताया कि झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित पेट्रोल पंप की सेल पहले की अपेक्षा कम हुई है. झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग डीजल के लिए बिहार, बंगाल व ओडिसा का रुख कर रहे हैं. इस कारण पेट्रोल पंप ​मालिकों को नुकसान हो रहा है व सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है.

बंदी से आपातकालीन सेवाएं अलग रहीं

श्री सिंह ने बताया कि इस 12 घंटे की बंदी से आपातकालीन सेवाओं को अलग रखा गया. फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, पुलिस प्रशासन की गाड़ियों को पेट्रोल डीजल की आपूर्ति की गई. आगे की रणनीति के संबंध में उन्‍होंने कहा कि झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की कोर कमेटी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा. [wpse_comments_template]

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