Nagpur : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बुथवार को दशहरा कार्यक्रम में कहा कि धर्म आधारित जनसंख्या का असंतुलन एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसकी उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए. जनसंख्या असंतुलन से भौगोलिक सीमाओं में परिवर्तन होता है. आज हिंदू राष्ट्र की अवधारणा की चर्चा हर तरफ हो रही है. कई लोग हिंदू राष्ट्र की अवधारणा से सहमत हैं, लेकिन `हिंदू` शब्द से उनका विरोध है. वे हिंदू की बजाय दूसरे शब्द के उपयोग पर बल देते हैं. हमें इस बात से कोई विरोध नहीं है. लेकिन हम हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर बल देते रहेंगे, ताकि स्पष्टता रहे. मोहन भागवत ने कहा कि जनसंख्या का असंतुलन सही नहीं है. जन्म दर में अंतर से बल द्वारा धर्मांतरण होता है. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली महिला संतोष यादव उपस्थित हैं. गौरतलब है कि 1925 में दशहरे के मौके पर ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना हुई थी.
धर्म आधारित जनसंख्या के असंतुलन से होता है देश का बंटवारा : भागवत
Last Updated: Oct 05, 2022 12:00 AM (IST)