रोजगार के सिलसिले में कांगो गए थे आशीष
Ranchi : आजसू पार्टी की सक्रिय पहल और केंद्रीय महासचिव संजय मेहता की कड़ी मेहनत से 39 दिनों के बाद आशीष कुमार का पार्थिव शरीर अफ्रीका के कांगो से रांची लाया गया.
आशीष कुमार जो 16 सितंबर 2024 को रोजगार के सिलसिले में कांगो गए थे उनका 21 जुलाई 2025 को आकस्मिक निधन हो गया था. उनके शव को भारत लाने में कई प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ा जिससे परिवार और परिजनों के लिए यह कठिन समय बन गया.
संजय मेहता की पहल और प्रशासनिक समन्वय
इस स्थिति में आशीष कुमार की पत्नी पूनम कुमारी ने आजसू पार्टी से सहायता मांगी. संजय मेहता ने तुरंत कदम उठाते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय और कांगो स्थित भारतीय दूतावास के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया.
उन्होंने 'सॉकेरिको सर्ल' नामक कंपनी के अधिकारियों से भी संपर्क किया जो शव के परिवहन में विलंब कर रहे थे. संजय मेहता ने कंपनी के अधिकारियों से कड़ी बात की और जल्द कार्रवाई करने को कहा जिसके बाद शव की वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई.
परिवार की उम्मीदों को मिला नया विश्वास
आशीष कुमार के पार्थिव शरीर को मुंबई के एयर इंडिया कार्गो सेवा के माध्यम से रांची लाया गया. परिवार के सदस्यों ने आजसू पार्टी और मेहता के प्रयासों को सराहा. उनका कहना है कि वे शव की वापसी की सारी उम्मीदें खो दी थीं लेकिन आजसू पार्टी और संजय मेहता के अथक प्रयासों ने उन्हें नया विश्वास दिलाया. उनके इस सहयोग के लिए वे आजीवन आभारी रहेंगे.
शोक संतप्त परिवार की कृतज्ञता
आजसू पार्टी की ओर से की गई इस मदद ने परिवार को न केवल अपने प्रियजनों को सम्मानपूर्वक स्वदेश लाने की उम्मीद दी बल्कि यह दिखाया कि आजसू पार्टी समाज और परिवार की कठिनाइयों में हमेशा उनके साथ खड़ी रहती है.
संजय मेहता ने इस अवसर पर कहा कि आजसू पार्टी हमेशा से जनसेवा और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध रही है. आशीष कुमार के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाना हमारा नैतिक और मानवीय कर्तव्य था और हमें गर्व है कि हम इस परिवार की उम्मीदों को पूरा कर सके. आशीष कुमार का अंतिम संस्कार शुक्रवार 29 अगस्त 2025 को रांची के हरमू मुक्तिधाम में किया गया.
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