संदेश’ एक्सक्लूसिव : दूसरों को देते हैं निर्देश, खुद नहीं करते अनुपालन
शुक्रवार को क्षेत्र में हुई हल्की बूंदाबांदी
[caption id="attachment_576130" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> सूखी जोउ नदी.[/caption] नदी किनारे बसने वाले गांवों के लोगों को नहाने और जानवरों को पीने का पानी इन्हीं नदियों से मिलता है. विगत छह माह से इस क्षेत्र में जोरदार बारिश नहीं हुई है. शुक्रवार को क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई. इससे जलस्तर में वृद्धि नहीं हो पाई. प्रखंड की मुख्य नदियां शंख नदी, जोउ नदी, पेंचाखाल समेत सभी छोटे-बड़े जल स्रोत सूख गये हैं. कुमड़ाशोल के पुलक कुमार साव ने बताया कि गांव से तीन किलोमीटर दूर शंख नदी में सभी ग्रामीण नहाते है. अब नदी सूख रही है. इससे आने वाले दिनों में बहुत मुश्किल होगी. हातिबारी के शैलेन कर ने कहा कि नदी में पानी सूख जाने से नहाने के लिए समस्या हो रही है. अधिकतर ग्रामीण नदी के भरोसे ही रहते हैं. नदी और नालों के सूखने से मवेशियों को पालना भी मुश्किल हो जाएगा. इसे भी पढ़ें :टिकट">https://lagatar.in/ticket-expectation-former-mp-furkan-ansari-busy-preparing-for-2024/">टिकट
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