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दुमका : अधिवक्ताओं ने प्रमंडलीय आयुक्त पर लगाया रिश्वत लेने का आरोप

 
Dumka : दुमका (Dumka)- जिले के दो दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं ने संथालपरगना के प्रमंडलीय आयुक्त चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है. अधिवक्ताओं ने झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को लिखित शिकायत पत्र भेजकर उनके कामकाज की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. आवेदन में जिक्र है कि प्रमंडलीय आयुक्त इसी महीने 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले हैं. प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में जमीन संबंधी मामले का भी निपटारा किया जाता है. पक्ष में फैसला सुनाने के लिए प्रमंडलीय आयुक्त के नाम पर सक्रिय दलाल लाखों रुपये रिश्वत वसूलते हैं. फैसला सुनाने के बाद संचिका प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में नहीं रखकर आयुक्त अपने पास रखते हैं. वे दोनों पक्षों की आने की प्रतीक्षा करते हैं. जो पक्ष ज्यादा रिश्वत देता है, फैसला उसके पक्ष में सुना दिया जाता है. आवेदन में जिक्र है कि वर्ष 2021 के फरवरी महीने में चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप प्रमंडलीय आयुक्त बनाए गए थे. एक साल से ज्यादा का कार्यकाल उन्होंने पूरा कर लिया है. उनके सेवानिवृत से पहले उनके कामकाज की जांच होनी चाहिए. फैसले की सूची कार्यालय परिसर में उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिवक्ता एवं मुवक्किल उपापोह की स्थिति में रहते हैं. आवेदन में बंदोबस्त न्यायालय के लिपिक सह पेशकार शमीम अख्तर अंसारी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप ये है कि वे अपने साथ आयुक्त कार्यालय के कामकाज का रिकार्ड अपने आवास पर रखते हैं तथा रैयतों से रिश्वत की मांग करते हैं. शिकायत करने वाले अधिवक्ताओें में विश्वनाथ प्रसाद यादव, बाबूराम मुर्मू, प्रमोद कुमार मंडल, रामचंद्र मांझी, एसबी चक्रवती, अशोक कुमार मंडल, अंजय प्रसाद गुप्ता, भरत भूषण, प्रदीप कुमार सिन्हा, विभीषण राउत, सामुवेल सोरेन, पंकज कुजूर, संजय कुमार, बबलू झा, विश्वज्योति राय, संतोष वर्मा, सुरेश कुमार दास, देवधर मल्लाह, अरविंद वर्मा समेत अन्य अधिवक्ता शामिल हैं. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=333668&action=edit">यह

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