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दुमका : चैंबर का बंद असरदार, बाज़ार और सब्जी मंडी पड़े वीरान

Dumka : दो प्रतिशत कृषि शुल्क के विरोध में दुमका में व्यवसायियों का बंद असरदार दिख रहा है. हटिया परिसर में लगने वाली सब्जी की थोक मंडी समेत शहर के सभी गल्ला थोक बिक्रेताओं ने बुधवार को अपनी दुकानों को बंद रखा. दुमका चैम्बर ऑफ कमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मो.मुस्ताक अली की अध्यक्षता में बंद को लेकर मंगलवार को हटिया परिसर में बैठक आयोजित की गई थी. जिसमें सभी खुदरा व थोक विक्रेताओं ने बंद पर अपनी सहमति दी थी. [caption id="attachment_555795" align="alignnone" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/BAND-SABZI-BAZAAR-300x169.jpg"

alt="" width="300" height="169" /> दुमका हटिया परिसर में बंद पड़ी सब्ज़ी मंडी[/caption] थोक सब्जी विक्रेता आनंद केशरी का कहना है कि झारखंड सरकार ने कृषि उपज एवं पशुधन कानून लाया है. जिसका सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ेगा. खाने की थाली महंगी हो जाएगी. उन्होंने इसे काला कानून करार दिया और कहा कि जब तक सरकार इसे वापस नहीं लेती, आंदोलन ज़ारी रहेगा. चैम्बर का मानना है कि इससे व्यापार करने में कठिनाइयां होगी और अफसरशाही का सामना करना पड़ेगा. कृषि उपज एवं पशुधन विपणन विधेयक 2022 के तहत लगाए जाने वाले बाजार समिति शुल्क के खिलाफ फेडरेशन झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज रांची के आवाहन पर दुमका चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने खाद्य सामग्री की खरीद बिक्री अनिश्चितकाल तक बंद रखने का निर्णय लिया है. जिसका व्यापक असर दुमका के सब्जी मंडी में समेत पूरे बाजार में दिखा. यह">https://lagatar.in/dumka-search-continues-for-the-drowned-youth-in-sivagangai/">यह

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