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दुमका :  सीएम हेमंत सोरेन ने किया झंडोत्तोलन, कहा, त्याग व बलिदान से झारखंड का गठन

Dumka : 74 वां गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन पुलिस लाइन मैदान में किया गया. इस अवसर पर सीएम हेमंत सोरेन ने झंडोत्तोलन किया तथा परेड की सलामी ली. उन्होंने संबोधन की शुरुआत में  स्वतंत्रतता संग्राम के अमर नायकों को नमन किया तथा को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी. कहा कि दास्तां के दुख भरे इतिहास को भुलाकर स्वर्णिम भविष्य की आकांक्षाओं के साथ 20 जनवरी 1950 को अपने संविधान को अपनाया. स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व हमारे संविधान की मूल भावना है. संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संविधान निर्माण में झारखंड के तीन महान विभूतियों जयपाल सिंह मुंडा, बोनीफेस लकड़ा एवं देवेंद्र नाथ सामंत के प्रति भी आभार व्यक्त किया. सीएम ने कहा कि त्याग और बलिदान के बाद इस राज्य का गठन किया गया. गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्यवासी वैसा झाऱखंड बनाने का संकल्प लें जो उन सपनों और आशाओं के अनुरूप हो जिस त्याग और बलिदान के बाद इस राज्य का गठन हुआ. चुनाव के दौरान जनता से किए वादे राज्य सरकार निभा रही है. सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग पूरी की गई. 1932 के खतियान आधारित नीति तथा ओबीसी आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाए जाने का विधेयक विधानसभा में पारित किया गया. राज्य सरकार गरीबों, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रयासरत है. हरा राशन कार्ड, विरसा हरित ग्राम योजना, फूलो झान्हो आशीर्वाद अभियान, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, सोना-सोबरन धोती साड़ी योजना, छात्रवृति योजना, सर्वजन पेंशन योजना जैसे कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई है. सरकारी योजनाओं का लाभ लाभुकों को समय पर मिले इसके लिए विगत वर्ष 2022 में आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया गया. कार्यक्रम में शिविर लगाकर ऑन स्पॉट लाभुकों के समस्याओं का समाधान किया गया. शिविर में करीब 55 लाख लाभुकों से आवेदन प्राप्त हुए. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर संकल्पित है. आने वाले दिनों में शत-प्रतिशत नामांकन के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उपलब्धि हासिल करनी है. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से जारी शैक्षणिक सूचकांक में विगत एक वर्ष के दौरान राज्य को 29 अंकों का इजाफा हुआ है. वित्त रहित शिक्षा नीति के तहत 46 प्रस्वीकृत मदरसों एवं 33 प्रस्वीकृत संस्कृत विद्यालयों के अनुदान की राशि बढ़ाकर दोगुना की गई है. दसवीं, बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं जो आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं वैसे छात्र-छात्राओं के लिए गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई है. इस योजना के तहत छात्र-छात्राओं को बैंक से 4% ब्याज की दर पर अधिकतम 15 लाख रुपए तक की राशि ऋण देने का प्रावधान है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग देने के लिए एकलव्य प्रशिक्षण योजना शुरू की गई है. यूपीएससी, जेपीएससी, एसएसएसी, बैंकिंग, रेलवे के लिए तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को इस योजना से सुविधा होगी. मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत इंजीनियरिंग, मेडिकल, विधि, फैशन टेक्नोलॉजी, फैशन डिजाइनिंग, जनसंचार, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आईसीडब्ल्यूई प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी. कोचिंग सत्र की अवधि में 2500 रुपए प्रति माह का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा. स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए मुख्यमंत्री सारथी योजना की शुरुआत की गई है. इस योजना के तहत हर वर्ष 2 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा. बालिकाओं के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना प्रारंभ की गई है. इस योजना के तहत बालिका को 40 हजार तक की सहायता राशि प्रदान की जा रही है. वित्तीय वर्ष 2022 - 23 में कुल 5 लाख बालिकाओं को योजना का लाभ दिया गया. सीएम ने कहा कि झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में मजूदरों का पलायन रोकने तथा रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना शुरू की गई है. योजना के तहत 75% एवं 90%  अनुदान पर लाभुकों को पशु और पक्षी उपलब्ध कराया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के लिए 40 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई. विगत वर्ष 2022 में कम बारिश होने के कारण किसानों की खरीफ फसलें नष्ट हुई. सरकार ने 22 जिलों के कुल 226 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया. मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत जिन किसानों ने खेतों में फसल नहीं बोए तथा जिनकी 33% से अधिक फसल नष्ट हुई उन किसानों को फसल क्षतिपूर्ति राशि 35 हजार रुपए खाते में हस्तांतरित की जा रही है. सिंचाई सुविधा का विस्तार करने के लिए 43 सिंचाई योजनाओं का पुनरुद्धार कार्य पूरा हो चुका है. 50 हजार हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि पर सिंचाई सुविधा पुनर्बहाल की गई है. विभिन्न जिलों में 30 योजनाओं के तहत नहरों का पुनरुद्धार कार्य प्रगति पर है. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के सर्वांगीण विकास के लिए सार्वजनिक निवेश के अतिरिक्त निजी क्षेत्र की भी सहभागिता प्राप्त करने के लिए कृत संकल्पित है. सरकार ने झारखंड औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, झारखंड इलेक्ट्रिक वाहन नीति, झारखंड इथेनॉल प्रमोशन नीति, झारखंड सौर ऊर्जा नीति एवं झारखंड पर्यटन नीति के तहत देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित किया जा रहा है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=530300&action=edit">यह

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