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दुमका : मात्र एक डीएसपी के भरोसे साइबर सेल, उपकरणों की है कमी

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Dumka : दुमका https://www.jagran.com/jharkhand/dumka-arresting-crimal-21892134.html">

style="color: #ff0000;">(Dumka)
- संथालपरगना प्रमंडल के जामताड़ा, दुमका और देवघर जिला साइबर अपराधियों का गढ़ माना जाता है. इन जिलों में साइबर अपराधियों के ठिकाने पर छापेमारी करने देश के विभिन्न राज्यों से पुलिस पहुंचती है. साइबर अपराध की सूची में तीनों जिलों में जामताड़ा सबसे आगे है. दूसरे नंबर पर देवघर और तीसरे नंबर पर दुमका जिला है. साइबर अपराधियों की नकेल कसने के लिए एक साइबर थाना की जरूरत है. थाना भी वैसा जहां साइबर अपराधियों की तत्काल सुराग पाने के लिए आधुनिक तकनीक मौजूद हो. दुमका जिले में साइबर">https://www.jagran.com/jharkhand/dumka-news-of-cyber-crime-22466666.html">साइबर

अपराध के बढ़ते मामले देख अलग से साइबर थाना खोलने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजा जा चुका है. महीनों गुजरने के बाद भी साइबर थाना नहीं खुला. साइबर क्राइम के मामले सामान्य थानों में ही दर्ज होते हैं. साइबर क्राइम के मामले तहकीकात के लिए जिला मुख्यालय स्थित साइबर सेल में भेज दिया जाता है. साइबर सेल में पुलिस अधिकारियों की कमी है. यहां अतिरिक्त प्रभार में मात्र एक डीएसपी तैनात किए गए हैं. थाना में न इंस्पेक्टर है और न ही कांस्टेबल. एक कंप्यूटर ऑपरेटर ऑफिस में कार्यरत है. इंटरनेट कनेक्शन नहीं है. इतने कम कर्मियों की तैनाती से डीएसपी कैसे मामले सुलझाते होंगे ये सोचने वाली बात है? इस संबंध में पूछे जाने पर एसपी अंबर लकड़ा ने स्वीकार किया कि साइबर">https://www.bhaskar.com/local/jharkhand/news/delhi-police-claims-2-cyber-criminals-arrested-from-dumka-jharkhand-committed-fraud-of-82-lakhs-129412377.html">साइबर

थाना अलग से होना जरूरी है. इसके लिए पुलिस मुख्यालय को प्रस्तवा भेजा गया है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=333739&action=edit">यह

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