Dumka : दुमका (Dumka)-">https://www.livehindustan.com/jharkhand/dumka/story-there-is-no-community-health-center-in-gopikandar-4131618.html">(Dumka)-
जमीन के एवज में नियोजन नहीं मिलने से परेशान एक शख्स ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में ताले जड़ दिए. वाकया शिकारीपाड़ा प्रखंड के खाड़ूकदमा गांव की है. गांव में ही स्वास्थ्य">https://www.liveaaryaavart.com/2022/04/blog-post_389.html">स्वास्थ्य
केंद्र है. उसी में ताले जड़े गए. शख्स का नाम रामजीत मुर्मू है. उसके जमीन में स्वास्थ्य केंद्र है. रामजीत का कहना है कि जमीन के एवज में मुझे स्वास्थ्य केंद्र में नाइट गार्ड की नौकरी का आश्वासन दिया गया था. अस्पताल बनते वक्त 4 हजार रुपये मासिक वेतन पर मुझसे काम भी लिया गया. 2018 में अस्पताल बनने के बाद मुझे काम से हटा दिया गया. परेशान होकर मैंने ताले जड़े. वहीं शिकारीपाड़ा">https://www.jagran.com/jharkhand/dumka-13810643.html">शिकारीपाड़ा
सीएचसी प्रभारी डॉ. कुलदीप सिंह कहना है कि रामजीत एक अस्पताल कर्मी को परेशान करता है. उनसे रुपये की मांग करता है. 7 अप्रैल को उसने जबरन ताले जड़ दिए. उसके खिलाफ शिकाड़ीपाड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. रामजीत के पुत्र इमानुएल मुर्मू का कहना है कि पिता को नाइट गार्ड की नौकरी का आश्वासन देकर पुश्तैनी जमीन ली गई. पिता की इच्छा है कि उन्हें जो आश्वासन दिया गया था, उसे पूरा किया जाए. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=306396&action=edit">यह
भी पढें : दुमका : प्रथम चरण का मतदान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में [wpse_comments_template]
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केंद्र है. उसी में ताले जड़े गए. शख्स का नाम रामजीत मुर्मू है. उसके जमीन में स्वास्थ्य केंद्र है. रामजीत का कहना है कि जमीन के एवज में मुझे स्वास्थ्य केंद्र में नाइट गार्ड की नौकरी का आश्वासन दिया गया था. अस्पताल बनते वक्त 4 हजार रुपये मासिक वेतन पर मुझसे काम भी लिया गया. 2018 में अस्पताल बनने के बाद मुझे काम से हटा दिया गया. परेशान होकर मैंने ताले जड़े. वहीं शिकारीपाड़ा">https://www.jagran.com/jharkhand/dumka-13810643.html">शिकारीपाड़ा
सीएचसी प्रभारी डॉ. कुलदीप सिंह कहना है कि रामजीत एक अस्पताल कर्मी को परेशान करता है. उनसे रुपये की मांग करता है. 7 अप्रैल को उसने जबरन ताले जड़ दिए. उसके खिलाफ शिकाड़ीपाड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. रामजीत के पुत्र इमानुएल मुर्मू का कहना है कि पिता को नाइट गार्ड की नौकरी का आश्वासन देकर पुश्तैनी जमीन ली गई. पिता की इच्छा है कि उन्हें जो आश्वासन दिया गया था, उसे पूरा किया जाए. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=306396&action=edit">यह
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