Dumka : तेलंगाना के जहीराबाद जिले में ऐलेना फूड प्रोसेसिंग कंपनी में दो माह से बंधक बनाए गए दुमका के आठ मजदूर सकुशल 9 अक्टूबर को घर लौटे. सभी श्रमिक दुमका जिले के रांगा और खाड़ूकदमा के रहने वाले हैं. मजदूरों की सकुशल घर वापसी के लिए जोहार मानव संसाधन विकास केंद्र समेत हैदराबाद स्थित प्रवासी सहायता एवं सूचना नेटवर्क व स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता हाबिल मुर्मू ने सामूहिक कोशिश की. मजदूरों के परिजनों ने हाबिल मुर्मू के साथ 14 सितंबर को शिकारीपाड़ा थाना में आवेदन देकर मजूदरों के घर वापसी की गुहार लगाई थी. पाकुड़ जिला के महेशपुर थाना अंतर्गत कैराछातर गांव निवासी दलाल मुजफ्फर अंसारी और उसकी पत्नी सफीना बीवी इन आठ मजदूरों को ऐलेना फूड प्रोसेसिंग कंपनी में प्रतिमाह 14 हजार मजदूरी दिलाने का झांसा देकर तेलंगाना लेकर गई थी. इस दंपती ने मजदूर उपलब्ध कराने के एवज में कंपनी से 80 हजार रुपए झटक लिए. मजदूरों को कंपनी के हवाले करने के बाद वहां से निकल भागा. महीना पूरा होने पर मजदूरों ने कंपनी के ठेकेदार से वेतन मांगा तो उसने साफ कहा कि मुजफ्फर अंसारी और उसकी पत्नी को रुपए दे दिए गए हैं. मजदूरों के बंधक बनाए जाने का मामला हैदराबाद के प्रवासी सहायता एवं सूचना नेटवर्क की रजनी तक पहुंचा. उन्होंने कंपनी प्रबंधन से बातचीत कर सभी मजूदरों को घर भिजवाया. मजूदरों के लौटने पर हाबिल मुर्मू ने कहा कि भगोड़ा दंपती को सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी. 80 हजार रुपए मजदूरों को वापस करने के लिए थाना के सामने प्रदर्शन किया जाएगा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=439444&action=edit">यह
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दुमका : दो माह से तेलंगाना में बंधक बनाए गए आठ मजदूर सकुशल घर लौटे

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