Rupam Kishor Singh Dumka : दुमका https://lagatar.in/dumka-children-will-study-in-a-modern-way-education-department-signed-mou/">
style="color: #ff0000;">(Dumka) संथालपरगना प्रमंडल में शिक्षा विभाग भगवान भरोसे चल रहा है. कई वरीय अधिकारियों के पद रिक्त हैं. अधिकारियों की कमी का असर यहां की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है. शिक्षण संस्थानों की स्थिति बदतर होती जा रही है. बच्चों का अध्ययन प्रभावित हो रहा है. स्कूलों की मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है. समय पर स्कूल नहीं खुल रहे हैं. झारखंड में राजनीतिक रूप से जागरूक प्रमंडलों में संथालपरगना की गणना होती है. इसके बावजूद शिक्षा विभाग में अधिकारियों की कमी है. सीएम हेमंत सोरेन इसी प्रमंडल के हैं. पूरे प्रमंडल में 6 जिले हैं. इन 6 जिलों में 12 शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जरूरत है. जबकि हालत ये है कि मात्र 4 पदाधिकारी कार्यरत हैं. करीब डेढ़ साल से क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक का पद भी रिक्त है. दुमका">https://www.jagran.com/jharkhand/dumka-dumka-22601450.html">दुमका
के डीएसई मसुदी टुडू के सेवानिवृत होने के बाद जिले में डीइओ का पद रिक्त पड़ा है. संथालपरगना के हर जिलों में डीइओ और डीएसई के पद सृजित हैं. पाकुड़ जिले को छोड़कर हर जिले की स्थति खराब है. साहिबगंज जिले में शिक्षा विभाग अधिकारियों के पद खाली हैं. स्थापना उप समाहर्ता मिथिलेश झा डीइओ और डीएसई के अतरिक्त प्रभार में हैं. जामताड़ा जिले में डीइओ के पद पर अभयशंकर सिंह पदस्थापित हैं. देवघर जिले में भी शिक्षा विभाग अधिकारियों के पद रिक्त हैं. पाकुड़">https://www.jagran.com/jharkhand/pakur-provide-quality-education-in-schools-19305423.html">पाकुड़
डीइओ को अतिरिक्त 8 प्रभार पाकुड़ डीइओ रजनी देवी के जिम्मे आठ विभागों का अतिरिक्त प्रभार है. वे क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक के रिक्त पद को भी संभाल रही है. इसके अलावा उन्हें गोड्डा जिले के गुम्मा में संचालित डायट और देवघर बीएड कॉलेज का भी प्रभार है. गोड्डा जिले में डीइओ और डीएसई का भी अतिरिक्त प्रभार रजनी देवी को है. Edited by Baidyanath Jha यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=303799&action=edit">यह
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दुमका : संथालपरगना प्रमंडल में भगवान भरोसे शिक्षा विभाग

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