Dumka : जिले से कालाजार उन्मूलन को लेकर डीसी रविशंकर शुक्ला ने 8 सितंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ में आरएमपी, एमपीडब्ल्यू एवं सहिया साथी के साथ बैठक की. बैठक में डीसी ने कहा कि पूरे भारत में केवल दो ही जिले हैं जहां कालाजार के मरीज पाए जाते हैं. इन दोनों जिलों में दुमका भी शामिल है. सामूहिक प्रयास से इस बीमारी का उन्मूलन किया जा सकता है. स्वास्थ्यकर्मी जिस इलाके में वे मेडिकल प्रैक्टिस करते हैं उस इलाके में लोगों को कालाजार के बारे में जागरूक करें. एक सप्ताह से अधिक समय से बुखार आने या कालाजार के अन्य लक्षण दिखने पर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज की जांच कराएं. कालाजार मरीजों को चिह्नित किया जाना जरूरी है. जिन मरीजों को पहले कभी कालाजार हुआ है उन मरीजों को 20 प्रतिशत पुन: इस बीमारी के होने की संभावना रहती है. उन्होंने जिले से कालाजार खत्म नहीं होने का वजह जागरूकता में कमी बताया. स्वास्थ्यकर्मियों को कालाजार मरीजों के निकट पहुंचने का निर्देश दिया. कहा कि कालाजार का उन्मूलन दुमका के लिए ऐतिहासिक साबित होगा. जुलाई, अगस्त और सितंबर माह में कालाजार का मच्छर तेजी से पनपता है. ग्रामीण क्षेत्र के निवासी मच्छरदानी लगाकर सोएं. रामगढ़ प्रखंड के गांवों में अभी भी कालाजार के 14 मरीज मौजूद है. उन्होंने इन मरीजों के गांव में डोर टू डोर जाकर जांच करने का निर्देश दिया. नवंबर महीने में इन गांवों में शिविर लगाकर जांच करने का भी निर्देश दिया. बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी आनंद मोहन सोरेन, बीडीओ कमलेंद्र कुमार सिन्हा, प्रभारी सीडीपीओ रेखा देवी, आयुष चिकित्सक डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, डॉ. शशिकांत, डॉ. संदीप मंडल, बीपीएम अक्षय आनंद समेत अन्य मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=412784&action=edit">यह
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दुमका : सामूहिक प्रयास से कालाजार उन्मूलन संभव- डीसी

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