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दुमका : खेत से जीवित नवजात बच्ची बरामद

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Dumka : दुमका (Dumka)- सरैयाहाट प्रखंड के ककनी गांव स्थित खेत से 30 अप्रैल की सुबह एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में बरामद हुई. तीन दिनों की बच्ची जीवित है. बच्ची को देखे जाने की खबर इलाके में फैलते ही खेत में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. गांव की कई महिलाएं उसे गोद में लेकर लार-प्यार करने लगी. महिलाएं उस निर्दयी मां को कोसती दिखीं, जो इसे खेत में फेंक दिया. रीना देवी ने बच्चे को गोद में उठाया और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर गई. सूचना पाकर सरैयाहाट थाना के एएसआई बाबूधन टुडू बच्ची को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के हवाले किया. समिति के चेयरपर्सन अमरेंद्र कुमार, सदस्य डॉ. राज कुमार उपाध्याय, कुमारी विजय लक्ष्मी, रंजन कुमार सिन्हा और महिला सदस्य नूतन बाला ने रीना देवी का बयान दर्ज किया. रीना ने बयान दिया कि सुबह नौ बजे शोर सुनकर वह घर से निकली तो देखा कि पास के खेत में लोगों की भीड़ लगी है. नजदीक जाकर देखा तो खेत में एक बच्ची लावारिश अवस्था में पड़ी थी. उसने बच्ची को गोद में उठा लिया और सरैयाहाट सीएचसी लेकर गई. वहां बच्ची को टीका दिया गया और पोलियो की खुराक दी गई. सरैयाहाट थाना पुलिस अस्पताल से बच्ची को सीडब्ल्यूसी लेकर गई. समिति ने नवजात बच्ची को सीएनसीपी (चिल्ड्रेन इन नीड, केयर एंड प्रोटेक्सन) घोषित करते हुए उसे स्पेशलाइज एडोप्सन एजेंसी (एसएए) को सौंप दिया. समिति बच्ची के जैविक माता-पिता की तलाश करेगी. निर्धारित समय में माता-पिता नहीं मिलने पर बच्ची को कानूनी प्रक्रिया के तहत गोद लेने की प्रक्रिया शुरू होगी. तीन बच्चियां बालिका गृह के हवाले 30 अप्रैल को सीडब्ल्यूसी के समक्ष एक अनाथ और दो उपेक्षित बच्ची पेश की गई. जरमुंडी थाना क्षेत्र के पेटसार पंचायत की दो बच्चियों की मां की मौत दो साल पूर्व हो चुकी है. उसके पिता काम करने पंजाब जाने के बाद फिर नहीं लौटे. बच्चियों की नानी ने अधिक उम्र होने के कारण पालन-पोषण में असमर्थता जताई. इसके बाद दोनों बच्चियों को सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया गया. वहीं मुफस्सिल थाना क्षेत्र की एक स्कूल शिक्षिका ने 11 वर्षीय बालिका को समिति के सामने पेश किया. बालिका के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है. जिस परिवार में बच्ची रह रही थी, वह परिवार काम के सिलसिले में 1 मई को पश्चिम बंगाल जानेवाला है. बालिका की बहन और भाई पहले से सीडब्ल्यूसी के आदेश पर बालगृह में रह रहा है. समिति ने दोनों बच्चियों और बालिका को सीएनसीपी घोषित करते हुए धधकिया बालिका गृह भेज दिया. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=300625&action=edit">यह

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