Dumka : जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सुखाड को लेकर ग्रामीण एकजुट हो रहे हैं. सिदो कान्हू मुर्मू सामाजिक संगठन मंच के बैनर तले 3 अगस्त को सैकड़ों आदिवासी ग्रामीणों ने गोपीकांदर प्रखंड के नामोडीह गांव में बैठक कर सरकार से पूरे संथाल परगना को सुखा क्षेत्र घोषित करने की मांग की. इस बैठक में नमोडीह, दुंदवा, अड़ीचुआ, दारांग खरौनी सहित कई गांव के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया. बैठक में सुखाड़ को लेकर चिंता ज़ाहिर करते हुए विस्तृत चर्चा की गई. फसल राहत योजना पर हुई चर्चा ग्रामीणों ने पूरे संथाल परगना को सूखा क्षेत्र घोषित करने की मांग करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पीडीएस दुकान में 10 किलो अतिरिक्त अनाज देने की मांग की. ग्रामीणों ने कहा कि बारिश नही होने के कारण सारा बिचड़ा सूख गया है. पूरे संथाल परगना के किसानों की हालत दयनीय हो गई है. बैठक में मंच के तरफ से ग्रामीणों को झारखंड राज्य फसल राहत योजना की भी विस्तृत जानकारी दी गई. मंच और ग्रामीणों ने प्रशासन से झारखंड राज्य फसल राहत योजना के लिए उत्क्रमिक मध्य विद्यालय नामोडीह में कैम्प लगाकर ग्रामीणों को योजना से जोड़ने की मांग की. इस मौके में चुड़का हांसदा, महेश मुर्मू, वकील सोरेन, विनोद मड़ैया, सीताराम सोरेन, सरजू हांसदा ,पुराण मरांडी, स्टीफन टुडू, रूपलाल मुर्मू, सुनीता हांसदा, देवीलाल मुर्मू, लखुमुनि मड़ैयान, देवनारायण पुजहर, पार्वती महारानी, शांति देवी, पानवति रानी, सिलवंती मरांडी, सुहागनि मुर्मू, सोनामुनि महारानी, छीता मरांडी आदि उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/dumka-it-is-very-difficult-for-the-mountain-the-primitive-tribe-forced-to-drink-contaminated-water/">यह
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दुमका : संथाल परगना को सूखा क्षेत्र घोषित करने के लिए आदिवासी ग्रामीण कर रहें है बैठक

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