Dumka : रानीश्वर प्रखंड के एक गांव में एक 14 वर्षीया नाबालिग आदिवासी लड़की की हत्या के विरोध में 4 सितंबर को छात्र समन्वय समिति, बजरंग दल, आदिवासी क्रांति सेना, मरांग बुरू अखड़ा, आदिवासी युवा मंच, सिदो कान्हो युवा संगठन समेत 9 संगठनों ने शहर में कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने हत्यारों को फांसी की सजा, मृतका के परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, दुमका एसडीपीओ नूर मुस्तफा को बर्खास्त करने समेत अन्य मांगें की. प्रदर्शनकारियों ने 5 सितंबर को दुमका बंद का भी आह्वान किया है. प्रदर्शनकारियों ने कैंडल मार्च निकालने से पूर्व आउटडोर स्टेडियम में बैठक की. इसके बाद हाथों में कैंडल लेकर डूगडूगी बजाते हुए प्राईवेट बस पड़ाव पहुंचे. बस मालिकों और वाहन चालकों से भी बंद में सहयोग देने की अपील की. सिदो-कान्हो प्रतिमा के समक्ष संकल्प लिया कि जब तक हत्यारे को फांसी की सजा नहीं होगी तब तक चैन से नहीं बैठेंगे. कैंडल मार्च में श्यामदेव हेंब्रम, पवन वर्मा, सिमंत हांसदा, राजेन्द्र मुर्मू, महेन्द्र हेम्ब्रम, रोबिन हांसदा, सतीश कुमार हांसदा समेत अन्य शामिल थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=409817&action=edit">यह
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दुमका : नाबालिग आदिवासी लड़की की हत्या के विरोध में विभिन्न संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर किया प्रदर्शन

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