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चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 11 महीने में सरकार के पास खर्च के मुकाबले सिर्फ 61 प्रतिशत राशि

Ranchi : चालू वित्तीय(2025-26) वर्ष के 11 महीने में सरकार को बजट (खर्च) के मुकाबले सिर्फ 61.71% राजस्व (पैसा) मिला है. वित्तीय वर्ष के बाकी बचे एक महीने में 38.29% राजस्व (पैसा) जुटाना मुश्किल प्रतीत होता है. इस स्थिति को देखते हुए चालू वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार के सामने पैसों की कमी पैदा होने का खतरा बताया जा रहा है. यह स्थिति केंद्रीय सहायता अनुदान में भारी कमी और जीएसटी में हुई गिरावट की वजह से पैसा हुई है.
 

Ranchi : चालू वित्तीय(2025-26) वर्ष के 11 महीने में सरकार को बजट (खर्च) के मुकाबले सिर्फ 61.71% राजस्व (पैसा) मिला है. वित्तीय वर्ष के बाकी बचे एक महीने में 38.29% राजस्व (पैसा) जुटाना मुश्किल प्रतीत होता है. इस स्थिति को देखते हुए चालू वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार के सामने पैसों की कमी पैदा होने का खतरा बताया जा रहा है. यह स्थिति केंद्रीय सहायता अनुदान में भारी कमी और जीएसटी में हुई गिरावट की वजह से पैसा हुई है.

 

सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था. लेकिन बाद में इसे संशोधित करते हुए 1.50 लाख करोड़ रुपये कर दिया. हालांकि सरकार को बजट के मूल लक्ष्य के मुकाबले फरवरी तक राजस्व के रूप में एक लाख करोड़ रुपये भी नहीं मिल पाया था. 

 

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार फरवरी तक सरकार को सभी स्रोतों से कुल 88,420.15 करोड़ रुपये मिले है. यह सरकार की आमदनी के लक्ष्य का सिर्फ 61.71% है. सरकार के बजट अनुमान के मुकाबले राशि खर्च करने के लिए एक महीने के अंदर 38.29% राशि जुटानी होगी. इतने कम समय में राजस्व के इस अंतर को पाटना संभव प्रतीत नहीं होता है.

 

प्रशासनिक तौर पर सरकार के सामने पैदा हुई इस स्थिति के दो मूल कारण बताये जाते है. इसमें जीएसटी और केंद्रीय सहाय्य अनुदान मद में लक्ष्य के मुकाबले पैसों का नहीं मिलना शामिल है. 

 

सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान जीएसटी के रूप में 22,324.69 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद जतायी गयी थी. हालांकि इसके मुकाबले फरवरी तक सिर्फ 11,602.32 करोड़ रुपये ही मिल सका है. यह अनुमानित लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 51.97% है. 

 

जीएसटी में किये गये संशोधन के बाद ही राज्य सरकार ने इस मद में करीब 4000 करोड़ रुपये की गिरवाट का अनुमान किया था और केंद्र से इसके भरपाई की मांग की थी. 

 

सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान केंद्रीय सहाय्य अनुदान मद में 17,064.91 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान किया था. लेकिन फरवरी तक सिर्फ 5,570.90 करोड़ रुपये ही मिला है, जो लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 32.57% है.

फरवरी तक सरकार को मिले 88,420.15 करोड़ रुपये में से 77,942.76 करोड़ रुपये राजस्व मद में खर्च हो गया है. इसमें वेतन भत्ता, पेंशन, सूद अदायगी और अनुदान शामिल है. सरकार ने फरवरी तक वेतन पर 16,319.20 करोड़ रुपये खर्च किया. पेंशन देने में 9,213.94 करोड़ रुपये और अनुदान देने में 5,734.12 करोड़ रुपये खर्च किया है.

 

फरवरी तक के राजस्व का ब्योरा (करोड़ में)

राजस्व मद   लक्ष्य   मिला   उपलब्धि
जीएसटी  22324.69   11602.32  51.97%
स्टांप, निबंधन  1498.17  1374.50   91.75%
भू-राजस्व  1798.75  1070.17   59.50%
वैट  93.05   6137.12   65.96%
उत्पाद   2999.82   3262.59   108.83%
केंद्रीय करों में हिस्सा  47041.38  41879.77  89.03%
केंद्रीय अनुदान   17964.91  5557.90   32.57%

 

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