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बोकारो थर्मल प्लांट से सात दिन बाद बिजली उत्पादन शुरू

Bermo: डीवीसी के बोकारो थर्मल प्लांट से सात दिन बाद , 12 जनवरी की रात से बिजली उत्पादन शुरू हो गया है. बोकारो थर्मल के नुरीनगर के समीप निर्मित डीवीसी के एक एवं दो नंबर ऐश पौंड में क्षमता से अधिक छाई भर जाने के कारण पांच सौ मेगावाट क्षमता वाले उक्त प्लांट को 5 जनवरी की रात से बंद करना पड़ा था. दरअसल, क्षमता से अधिक छाई जमा हो जाने से ऐश पौंड का तटबंध कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता था. तीन वर्ष पूर्व 12 सितंबर 2019 को भी क्षमता से अधिक छाई भर जाने के कारण ऐश पौंड का तटबंध टूट गया था. जिसके कारण बोकारो थर्मल के फेस टू कॉलोनी, निशान हाट कॉलोनी एवं ओवर ब्रिज के समीप कॉलोनी में रहने वाले लोग सहित फेज टू कश्मीर कॉलोनी में स्वास्थ्य केंद्र उसकी चपेट में आ गया था. इससे डीवीसी सहित आम लोगों की भारी क्षति हुई थी.

बीस लाख मीट्रिक टन छाई जमा रखने की क्षमता

यहां डीवीसी के द्वारा दो ऐश पौंड बनाए गए है. दोनों की क्षमता दस-दस लाख मीट्रिक टन है. दोनों डैम मिलाकर बीस लाख मीट्रिक टन छाई जमा रखने की क्षमता है, बोकारो थर्मल प्लांट के मुख्य अभियंता सह परियोजना प्रधान सुशांत शानिग्रही ने बताया कि पौंड से छाई फेंकने की जगह मिल गई है. 7 जनवरी से ही सीसीएल के बीएंडके के बंदखुली खदान में छाई गिराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चूंकि ऐश डैम में छाई भर गया था, इसलिए उसे खाली करना जरूरी था. ऐश डैम को खाली करने के साथ ही प्लांट को लाइट अप किया गया,  देर रात से उत्पादन शुरु हो गया है.

प्रतिदिन तीन हजार मीट्रिक टन छाई

बता दें कि पांच सौ मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता वाले बोकारो थर्मल के ए प्लांट से प्रतिदिन लगभग तीन हजार मीट्रिक टन छाई निकलती हैं. जिसमें पानी मिश्रित कर उसे पाइप के द्वारा ऐश पौंड तक भेजा जाता है. प्लांट से छाई का निकलना और डैम में जमा होना डीवीसी की स्थाई प्रक्रिया है. छाई को डैम से निकालकर आसपास के सीसीएल के खदान में गिराया जाता है. यह भी पढें : नौकरी">https://lagatar.in/bermo-ccl-displaced-forced-to-starve-due-to-lack-of-job/">नौकरी

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