साल से अधिक समय से लंबित कांडों का एडीजी अभियान करेंगे समीक्षा)
वित्त मंत्री के फैसले से एमएसएमई का बढ़ेगा दायरा
भाषा के अनुसार, डेलॉयट इंडिया के भागीदार और इनडायरेक्ट टैक्स लीडर महेश जयसिंह ने कहा कि इस घोषणा के साथ ई-चालान के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) का दायरा बढ़ जायेगा. उन्हें ई-चालान लागू करने की आवश्यकता होगी. एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि ई-चालान के चरणबद्ध क्रियान्वयन से अड़चनें कम हुई हैं, अनुपालन में सुधार हुआ है और राजस्व बढ़ा है. ई-चालान शुरू में 500 करोड़ से अधिक के कारोबार वाली बड़ी कंपनियों के लिए लागू किया गया था. तीन साल के भीतर इस सीमा को घटाकर अब पांच करोड़ कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें : नेता">https://lagatar.in/leader-of-opposition-case-high-court-fixed-two-points-of-hearing/">नेताप्रतिपक्ष मामला : हाईकोर्ट ने तय किये सुनवाई के दो बिंदु [wpse_comments_template]

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