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महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को दिए जा रहे ई-ट्रेडिंग के टिप्स, वैश्विक बाजार में पड़ेंगे कदम

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  • झारखंड के 18 जिलों की एसएचजी सदस्यों को दी ट्रेनिंग
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से की जा रही है पहल
  • ई-सरस में पूर्व से अपलोड 1664 उत्पादों में 30 झारखंड से
Gaurav Prakash Hazaribagh : झारखंड की महिला स्वयं सहायता समूह को अंतरराष्ट्रीय बाजार दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है. कामकाजी महिलाएं घर की देहरी लांघ कर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी हुनर की पहचान दिलाने को आमादा हैं. इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग के पदाधिकारी दिल्ली से हजारीबाग पहुंचे हैं. महिलाओं के बनाए उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में उचित मूल्य कैसे मिले, इसके टिप्स बताए जा रहे हैं. महिलाओं को ई-पैकेजिंग के बेहतर गुर सिखाए जा रहे हैं. शुरूआती दौर में ई-सरस के जरिए विभाग इसकी मार्केटिंग करेगा और उससे मिली रकम महिलाओं के हिस्से में जाएगी. बाद में महिलाओं को खुद से यह काम करना है. इस बात की जानकारी एफडीवीआरसी के बिजनेस हेड प्रकाश सिन्हा ने दी. इसके लिए हजारीबाग के एक रिसोर्ट में झारखंड के 18 जिलों की स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया. दरअसल ई-सरस स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के बनाए गए उत्पादों के लिए बेहतर ट्रेडिंग सहायता और ई-कॉमर्स में व्यवसाय के तहत अवसर प्रदान करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से पहल की जा रही है. प्रशिक्षण के दौरान यह जानकारी दी गई कि देश भर के विभिन्न महिला समूहों द्वारा निर्मित कुल 1664 उत्पाद पहले से ही ई-सरस में अपलोड किए गए हैं, जिनमें से 30 उत्पाद झारखंड से हैं.

बाजार के साथ स्वरोजगार के आयाम सृजित होंगे : डीसी

  • स्टेट लांचिंग कम ओरिएंटेशन एंड प्लानिंग वर्कशॉप का उद्घाटन
  • महिलाओं को ई-सरस जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से कराया अवगत
झारखंड स्टेट लावलीहुड प्रोमोशनल सोसाइटी हजारीबाग (जेएसएलपीएस) के तत्वावधान में शुक्रवार को स्टेट लॉन्चिंग कम ओरिएंटेशन एंड प्लानिंग वर्कशॉप (ईएसएआरएएस) का उद्घाटन उपायुक्त नैंसी सहाय ने किया. उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग की ओर से ई-सरस एक अच्छी पहल है. एक ओर जहां महिलाओं की ओर से निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध होगा, वहीं दूसरी तरफ स्वरोजगार के आयाम सृजित होंगे. कार्यशाला में उत्तरी छोटानागपुर, पलामू और संथाल परगना प्रमंडल के 18 जिलों की एसएचजी महिलाओं ने इस कार्यक्रम में खुद की निर्मित उत्पादों के साथ भाग लिया. इस कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं की ओर से निर्मित उत्पादों को मंडी, बाजार तथा व्यापार करने के लिए उचित मंच प्रदान करना है. साथ ही ई-सरस जैसे प्लेटफॉर्म से अवगत कराना है. इस दौरान एफडीवीआरसी के बिजनेस हेड प्रकाश सिन्हा और प्रोक्योरमेंट एफडीवीआरसी उशांत कृष्णा भी मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-tpc-took-responsibility-for-the-murder-of-coal-trader-rajendra-sahu/">झारखंड

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