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ईसीएल मुगमा की राजपुरा कोलियरी खदान में चाल धंसी, महिला की मौत

Maithan : मैथन (Maithan) ईसीएल मुगमा एरिया की चालू राजपुरा कोलियरी खदान में अवैध खनन के दौरान 10 जनवरी की सुबह छह बजे जोरदार आवाज के साथ चाल धंस गई, जिससे मलबे में दबकर एक महिला (50) की मौत मौके पर ही हो गयी. एक अन्य महिला (46) गंभीर रूप से घायल हो गयी है. परिजन स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को मलबे से बाहर निकाल ले भागे. शव को आनन फानन में दफना दिया गया, जबकि घायल महिला का गुप-चुप तरीके से इलाज कराया जा रहा है. दोनों गलफरबाड़ी ओपी क्षेत्र के एग्यारकुं दक्षिण पंचायत की रहने वाली है. इधर कोलियरी प्रबंधन व गलफरबाड़ी पुलिस ने ऐसी किसी घटना से साफ इन्कार किया है. हालांकि क्षेत्र में इस घटना की चर्चा जोरों से हो रही है.

 क्या है पूरा मामला

बताया जा रहा है कि रोज की तरह 10--15 लोग अवैध खनन में लगे थे. तभी अचानक जोरदार आवाज के साथ ऊपर से ओबी डंप भरभरा कर गिर गया. जब तक अवैध खनन में जुटे लोग कुछ समझ पाते, दो महिला मलबे में दब गयी. परिजनों के सहयोग से स्थानीय लोगों ने दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक एक महिला की मौत हो चुकी थी. उसका सिर बड़े पत्थर की चपेट में आ गया. दूसरी महिला को गंभीर चोट आयी है. उसका हाथ टूट गया है. कुछ और लोगों के घायल होने की सूचना है, पर पुष्टि नहीं हो पा रही है.

 घटनास्थल पर पड़ी चप्पल व बोरी दे रही गवाही

घटनास्थल पर मलबे में दबी मृतका की चप्पल, कोयले की बोरी और झोला साफ इशारा कर रहे हैं. हालांकि कोलियरी प्रबंधन और गलफरबाड़ी पुलिस मामले की लीपापोती में जुट गई है.

  प्रबंधन की लापरवाही से जा रही है जान

गलफरबाड़ी ओपी प्रभारी संजय उरांव ने कहा कि ऐसी घयना की उन्हें जानकारी नहीं है. आये दिन अवैध खनन में लोगों की मौत का जिम्मेवार सीधे तौर पर कोलियरी प्रबंधन है. उनके पास ईसीएल सुरक्षा कर्मी एवं सीआईएसएफ की टीम है. ग्रामीणों को खदान में जाने से ये रोक सकते हैं. परंतु सारा दोष पुलिस के मत्थे मढ़ दिया जाता है. स्थानीय लोगों ने भी इस घटना के लिये कोलियरी प्रबंधन को जिम्मेवार ठहराया. कहा कि सिर्फ खानापूर्ति के लिये कंटीले तार से खदान की घेराबंदी कर दी गयी है. खदान की ठोस सुरक्षा के लिये प्रबंधन गंभीर नहीं है. [wpse_comments_template]

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