- - छोटे अफसर को कम और बड़े के पदनाम के साथ ज्यादा राशि दर्ज.
- - छापेमारी में कोयला के अवैध कारोबार की कुछ रिपोर्ट्स भी मिले.
Ranchi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कोयला कारोबारियों के ठिकानों से 25 अफसरों को दिये गये पैसों का ब्योरा भी मिला है. रकम लाखों में है. वह भी प्रति माह कोयला कारोबारियों के ठिकानों से मिले इस ब्योरे में पुलिस विभाग के अलावा वरीय प्रशासनिक अधिकारियों का भी उल्लेख है. हालांकि लेन-देन के इस ब्योरे में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम के बदले पदनाम का उल्लेख है.
उल्लेखनीय है कि ED ने 28 जुलाई को धनबाद के डिप्टी मेयर, अरूण चौहान उनके भाई हरेंद्र चौहान, चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह के साले रंजीत कुमार सिंह, महेंद्र सिंह, रोहित यादव, गणेश यादव, माधव सिंह सहित अन्य के ठिकानों पर छापा मारा था. इस छापेमारी के दौरान ईडी को कोयला कारोबारियों द्वारा म्युचुअल फंड में किये गये 160 करोड़ रुपये के निवेश के अलावा 200 से अधिक सेल डीड मिला.
सूत्रों के अलावा नामी-बेनामी संपत्ति के अलावा छापेमारी में ईडी के अधिकारियों को कोयला कारोबारियों के कुछ ठिकानों से अफसरों को दिये गये पैसों का हिसाब-किताब मिला है. इसमें अफसरों को पैसा देने के कारणों का उल्लेख नहीं है. लेकिन एजेंसी द्वारा यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कोयला के अवैध कारोबार में शामिल कारोबारियों ने अपने अवैध धंधे को संरक्षण देने के उद्देश्य से पैसे दिये गये होंगे.
कोयला कारोबारियों के ठिकानों से मिले इस दस्तावेज में अधिकारियों के नाम के बदले उनके पदनाम का उल्लेख किया गया है. कोयला कारोबारियों के ठिकानों से मिले दस्तावेज में दर्ज ब्योरे में से अधिकांश पद पुलिस विभाग से संबंधित है. जबकि इनमें से कुछ पद प्रशासनिक अधिकारियों के भी हैं. इसमें धनबाद के अलावा दूसरे जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पदनाम का उल्लेख किया गया है.
जब्त दस्तावेजों से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कोयले के अवैध कारोबार को संरक्षण देने वालों में दूसरे जिले के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं या इन कारोबारियों का काम दूसरे जिलों में भी चलता होगा. एक अनुमान यह भी है कि धनबाद का कोयला जिन जिलों से होकर निकलता है, वहां भी संरक्षण की जरूरत पड़ती होगी.
सूत्रों के मुताबिक, अफसरों को दिये गये पैसों से संबंधित हिसाब-किताब में पैसों का ब्योरा भी पदनाम के अनुरूप है. छोटे अफसर के पद नाम के आगे कम राशि और बड़े पदनाम के आगे बड़ी राशि का उल्लेख है. छोटे पद नाम के सामने 20-50 हजार रुपये का उल्लेख है. बड़े पद नाम के आगे यह रकम लाख में हैं.
ED को कोयला व्यापारियों के कुछ ठिकानों से सरकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्टें भी मिली हैं. इन रिपोर्ट्स में संबंधित सरकारी जांच एजेंसी द्वारा अवैध कोयले के कारोबार से संबंधित जानकारी है. साथ ही इस कारोबार में शामिल कुछ व्यापारियों के नाम भी हैं. लेकिन इसमें किसी बड़े और चर्चित कोयला कारोबारियों के नाम का उल्लेख नहीं के बराबर है.
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