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ED और ताकतवर हुई, सरकार ने अधिकारियों की संख्या में भारी इजाफा किया

एडिशनल डायरेक्टर के पद अब 24 होंगे, जो पहले 10 थे. जॉइंट डायरेक्टर के पद 28 से बढ़ाकर 49, डिप्टी डायरेक्टर के पद 148 से बढ़ाकर 267, असिस्टेंट डायरेक्टर के पद 255 से बढ़ाकर 531 किये गये हैं.
 

New Delhi  : ED इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है.अक्सर ED विपक्षी नेताओं के ठिकानों पर छापे मारती रही है, अब खबर आयी है कि मोदी सरकार ED अधिकारियों के संख्या बल में भारी इजाफा करने जा रही है.

 


सरकार ने ED में बड़े स्तर पर कैडर रिस्ट्रक्चरिंग पर मुहर लगा दी है. जानकारी के अनुसार अब ED अधिकारियों-कर्मचारियों की संख्या तीन गुनी हो जायेगी.

 


नयी व्यवस्था के तहत डिप्टी डायरेक्टर,असिस्टेंट डायरेक्टर, एनफोर्समेंट ऑफिसर और असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पदों में भारी बढ़ोतरी की गयी है. सरकार का कहना है कि बढ़ते मामलों और जांच के दायरे को देखते हुए ED की क्षमता मजबूत करने के लिए यह निर्णय लिया गया है.  

 

 
जानकारी के अनुसार एडिशनल डायरेक्टर के पद अब 24 होंगे, जो पहले 10 थे. जॉइंट डायरेक्टर के पद 28 से बढ़ाकर 49, डिप्टी डायरेक्टर के पद 148 से बढ़ाकर 267, असिस्टेंट डायरेक्टर के पद 255 से बढ़ाकर 531 किये गये हैं.

 


इस क्रम में एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद 355 से बढ़ाकर 606, असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद 425 से बढ़ाकर 803 किये गये हैं. इसके अलावा ED की लीगल टीम में भी  मैनपावर बढाया गया है,. एडजुडिकेशन, सिस्टम, सिक्योरिटी और सपोर्ट स्टाफ कैडर में नये पद मंजूर किये गये हैं.

 

अहम बात यह है कि डिप्टी डायरेक्टर, असिस्टेंट डायरेक्टर, एनफोर्समेंट ऑफिसर और असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पदों सर्वाधिक बढ़ोत्तरी हुई है. इस लेवल के अधिकारी महज फाइलों में साइन करने के लिए नहीं होते, बल्कि  मुकदमों में कोर्ट-कचहरी की दौड़ भी लगाते हैं.

 


वे मनी लॉन्ड्रिंग के सुराग ढूंढते हैं, रेड डालने जाते हैं. आरोपियों से पूछताछ भी करते हैं. इसके साथ ही  सरकार ने ईडी के लीगल, एडजुडिकेशन, सिस्टम, सिक्योरिटी और सपोर्ट स्टाफ कैडर कैडर में भी कई नये पद मंजूर किये हैं. इसका मतलब यह कि कोर्ट में केस लड़ने के लिए वकीलों की फौज भी साथ होगी. 

 


दरअसल सरकार का मानना है  कि देश में आर्थिक अपराधों का ग्राफ और डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए हेर-फेर के मामले तेजी से बढ़े हैं. पीएमएलए और फेमा के तहत दर्ज होने वाले मुकदमों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है. इस कारण सरकार  ने ED अधिकारियों के संख्या बल में भारी बढ़ोतरी कर दी है. 

 

सरकार का यह फैसला विपक्षी दलों को नागवार गुजर सकता है. क्योंकि कांग्रेस, टीएमसी, राजद सहित अन्य विपक्षी दल  हमेशा यह आरोप लगाते रहे हैं कि सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक बदले की भावना से कर रही है.

 

विपक्षी नेताओं के घरों पर रेड मारी जाती है, उन्हें परेशान किया जाता है, ताकि विपक्ष को कमजोर किया जा सके. ऐसे में सरकार इन एजेंसियों को और धारदार बनाना विपक्ष को रास नहीं आयेगा 
 

 

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