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ईडी जांच में खुलासा- NTPC की अधिगृहित जमीन पर बन रहा पूर्व विधायक अंबा के परिवार का मकान

Ranchi: बड़कागांव के पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के परिवार का मकान एनटीपीसी के लिए अधिगृहित जमीन पर बन रहा है.  कोल बियरिंग एक्ट के तहत इस जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है. यह जमीन पूर्व विधायक निर्मला देवी के नाम पर है.  मुआवजा राशि लेने से इनकार करने के बाद एनटीपीसी की ओर से नवंबर 2017 में  मुआवजे की रकम  21.60 लाख रुपये चेक के सहारे ट्रिब्यूनल में जमा कराया जा चुका है. ईडी द्वारा जारी जांच के दौरान इस बात की जानकारी मिली है. [caption id="attachment_1024758" align="aligncenter" width="283"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/03/amba-prasad-house-2.jpeg">

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alt="" width="283" height="168" /> पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का निर्माणाधीन मकान[/caption] पूर्व विधायक निर्मला देवी ने बड़कागांव की जमीन (खाता नंबर 220, प्लॉट नंबर 349 व 358, क्षेत्रफल 1.08 एकड़) रतन लाल खंडेलवाल और शकुंतला देवी से मई 2015 में खरीदी थी.  सरकार द्वारा निर्धारित दर के हिसाब से जमीन की कीमत 23 लाख रुपये थी. लेकिन निर्मला देवी के नाम पर यह जमीन 14.67 लाख रुपये में खरीदी गयी थी.  [caption id="attachment_1024759" align="aligncenter" width="283"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/03/amba-prasad-house-5.jpeg">

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alt="" width="283" height="213" /> निर्माणाधीन मकान के भीतर का इंटीरियर[/caption] निर्मला देवी ने जमीन खरीदने के लिए साल 2007 में रतन लाल खंडेलवाल से एकरारनामा किया था. उस वक्त कोल बियरिंग एक्ट के तहत जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही थी.  इसलिए निर्मला देवी ने एनटीपीसी से जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने की मांग की थी. एनटीपीसी द्वारा एनओसी दिये जाने के बाद जमीन की रजिस्ट्री हुई थी.  वर्ष 2009 में एनटीपीसी के लिए जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हुई. वर्ष 2014 में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बड़कागांव में पेट्रोल पंप खोलने के लिए आवेदन मांगा. 

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अंकित राज मे अपनी जमीन लीज पर लेकर पेट्रोल पंप खोलने के लिए आवेदन दिया. इंडियल ऑयल कॉरपोरेशन ने अंकित का आवेदन स्वीकृत कर लिया. इसके बाद अंकित राज ने फरवरी 2015 में ‘लेआउट प्लॉन ’ तैयार कर उपायुक्त के पास अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया.  उपायुक्त के स्तर पर आवेदन का निष्पादन जल्दी नहीं होने की वजह से अंकित राज ने हाइकोर्ट में एक याचिका (5422/2017) दायर की. न्यायालय ने अंकित राज को उपायुक्त की अदालत में आवेदन देने का निर्देश दिया.  [caption id="attachment_1024762" align="aligncenter" width="283"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/03/amba-prasad-house-3.jpeg">

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alt="" width="283" height="213" /> निर्माणाधीन मकान का इंटीरियर[/caption] हाइकोर्ट के निर्देश के आलोक में अंकित ने उपायुक्त की अदालत में आवेदन दिया. हजारीबाग के तत्कालीन उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने एनटीपीसी की अधिगृहित जमीन पर पेट्रोल पंप खोलने से संबंधित आवेदन को अक्तूबर 2017 में रद्द कर दिया.  इसके बाद अंकित राज ने हाईकोर्ट में एक दूसरी याचिका (7742/2017) दायर की. इसमें राज्य सरकार, हजारीबाग के उपायुक्त और एनटीपीसी को प्रतिवादी बनाया गया है.  [caption id="attachment_1024761" align="aligncenter" width="283"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/03/amba-prasad-house-1.jpeg">

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alt="" width="283" height="215" /> निर्माणाधीन मकान के बाहर पार्किंग[/caption] जनवरी 2024 को इस याचिका की सुनवाई के दौरान अंकित राज की ओर से समय की मांग की गयी. इस बीच निर्मला देवी ने सितंबर 2021 में एनटीपीसी को पत्र लिख कर बड़कागांव स्थित इस जमीन पर कार्यालय और पेट्रोल पंप खोलने के लिए अनापत्ति देने की मांग की.  निर्मला देवी के आवेदन पर एनटीपीसी ने अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि कोल बियरिंग एक्ट के तहत जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है.  अधिग्रहण से संबंधित अधिसूचना 2009 में जारी हो चुकी है. जमीन का मुआवजा स्वीकार नहीं करने की वजह से मुआवजे की रकम 2017 में ट्रिब्यूनल में जमा करा दी गयी है.

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