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पूर्व CM से जुड़ी जिस भूमि की जांच कर रही है ED, सिर्फ 15 कार्यदिवस में ही SAR अधिकारी ने निपटा दिया उसका केस

Vinit Abha Upadhyay Ranchi : रांची में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर कब्जा और खरीद-बिक्री के कई मामलों की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी कर रही है. इस वर्ष लैंड स्कैम से जुड़ा सबसे चर्चित मामला बड़गाईं अंचल का है. जिसमें राज्य के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन और उनके करीबी विनोद सिंह पर आदिवासी भूमि को गैरकानूनी तरीके से कब्जा करने का गंभीर आरोप लगा है. जैसे-जैसे एजेंसी इस मामले की जांच कर रही है, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. मामला चर्चित होने के बाद भूमि वापसी के लिए एसएआर कोर्ट में वाद दायर किया गया था. लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि एसएआर कोर्ट पहुंचने के सिर्फ बीस दिन के अंदर केस की सुनवाई पूरी कर आदेश पारित कर दिया गया. यह केस एसएआर कोर्ट में 9 जनवरी को आया था और 29 जनवरी को इस मामले में फैसला सुना दिया गया. इस केस का नंबर 81/2023-2024 है. झारखंड सरकार के कैलेंडर के मुताबिक, इन बीस दिनों में सिर्फ 15 दिन ही कार्य दिवस थे. बाकि पांच दिन सरकारी अवकाश था. रांची एसएआर कोर्ट ने इस भूमि से जुड़े मामले की सुनवाई जितनी तेजी से की उसे देखकर कहना गलत नहीं होगा कि एसएसआर कोर्ट की अफसर उनके यहां लंबित मामलों के निष्पादन में काफी संजीदा हैं. लेकिन एसएसआर कोर्ट में लंबित अन्य मामलों पर गौर करने पर यह पता चलता है कि ऐसी संजीदगी सभी मामलों में नहीं दिखाई जाती, क्योंकि एसएआर कोर्ट में फिलहाल 2100 से ज्यादा केस पेंडिंग है. जिसमें से कई मामले झारखंड गठन से पहले के हैं. इस मामले की सुनवाई करने वाली एसएआर (विशेष विनिमय पदाधिकारी) पदाधिकारी मनीषा तिर्की ने बताया कि तत्कालीन अपर समाहर्ता (AC) राजेश बरवार के निर्देश पर उन्होंने नंबर 81/2023-2024 की सुनवाई शुरू की थी. तत्कालीन AC ने इस केस की सुनवाई से पूर्व एसएआर पदाधिकारी को दिशा निर्देश भी दिए थे. आदेश पारित होने के बाद राजकुमार पाहन ने आदेश की कॉपी भी कार्यालय से ले ली है. एसएआर कोर्ट में मामला भू वापसी के लिए आया था. इसे भी पढ़ें - BREAKING:">https://lagatar.in/breaking-notice-to-the-parties-from-the-high-court-in-the-matter-of-holding-municipal-corporation-and-body-elections/">BREAKING:

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फर्जी डीड बनाने का मास्टर माइंड भी हुआ गिरफ्तार

ईडी का दावा है कि सरकारी अफसरों की मिलीभगत से लैंड स्कैम के जरिए कैसे मनी लॉन्ड्रिंग की गई. इस केस के प्रमुख आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बड़गाईं अंचल के हल्का कर्मचारी भानु प्रताप फिलहाल बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद हैं. हेमंत सोरेन को इस्तीफा देने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 31 जनवरी की रात को गिरफ्तार कर लिया गया था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लैंड स्कैम से जुड़े मामले में सात घंटे से ज्यादा देर तक हुई पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था. मंगलवार को इस केस में ईडी ने एक और आरोपी मोहम्मद सद्दाम को भी गिरफ्तार किया है, जो फर्जी डीड बनाने का मास्टर माइंड माना जाता है. इसे भी पढ़ें -बांग्लादेशी">https://lagatar.in/hearing-in-high-court-on-pil-investigating-bangladeshi-infiltration-hc-asked-centre-can-action-be-taken-under-caa/">बांग्लादेशी

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