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ईडी का खुलासा : सेना की जमीन पाने के लिए जयंत कर्नाड ने भी की धोखाधड़ी

Ranchi : जमीन घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी) जांच कर रही है. ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि जगतबंधु टी एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को रांची में भारतीय सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन बेचने के लिए प्रदीप बागची ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया. वहीं जयंत कर्नाड ने खुद को प्रोजेक्ट करने के लिए मनगढ़ंत कागजात और झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों का इस्तेमाल किया. ईडी ने 10 जून को जारी संपत्ति की कुर्की आदेश में कहा है कि जयंत कर्नाड ने खुद को पेश करने के लिए धोखाधड़ी की. पूछताछ के दौरान कर्नाड ने कहा कि उनके पास संपत्ति के स्वामित्व के संबंध में कोई दस्तावेज, डीड या खतियान नहीं है. इसके अलावा, उनके पास संपत्ति के संबंध में भुगतान की गई कोई होल्डिंग संख्या, मालगुजारी या लगान रसीद नहीं थी. बिना किसी वैध कागजात के ही उन्होंने 14 खरीदारों को जमीन बेच दी.

अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज नहीं दे सके कर्नाड 

ईडी के मुताबिक,  कर्नाड ने कहा कि उनकी मां स्वर्गीय मालती कर्नाड उनके नाना स्वर्गीय बीएम मुकुंद राव की इकलौती बेटी थीं. हालांकि वे अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज नहीं दे सके कि दिवंगत मालती कर्नाड स्वर्गीय बीएम मुकुंद राव की इकलौती बेटी थीं. उनके बयान से पता चलता है कि उन्होंने पहली बार सेना से वर्ष 2008 में मिले 417 रुपये बैंक ऑफ इंडिया के एचयूएफ खाते में जमा हुए. इसके बाद उन्हें 50,640 रुपये 1998 से 2008 तक बकाया किराए के रूप में मिले. वे बैंक ऑफ इंडिया के एचयूएफ खाते के जलिये 28 दिसंबर, 2021 तक रक्षा संपदा कार्यालय से किराये प्राप्त करते रहे हैं.

हाईकोर्ट के सामने विशिष्ट तथ्यों को छुपाया

ईडी की जांच से पता चला है कि वकील हिमांशु कुमार मेहता द्वारा झारखंड हाईकोर्ट को प्रस्तुत किए गए जयंत कर्नाड के दस्तावेज और दावे गलत थे. उन्होंने जानबूझकर हाईकोर्ट के समक्ष विशिष्ट तथ्यों को छुपाया, क्योंकि सेना खुद किराए का भुगतान करने के लिए सही दावेदार की तलाश कर रही थी. उन्होंने हाईकोर्ट के समक्ष इस तथ्य को छुपाया कि याचिकाकर्ता यानी जयंत कर्नाड के पास उत्तराधिकार प्रमाणपत्र नहीं है, जो कि बचाव पक्ष द्वारा आवश्यक था. जयंत कर्नाड और हिमांशु कुमार मेहता ने एक-दूसरे के साथ मिलकर झारखंड हाईकोर्ट से कागजात या साक्ष्य तैयार करके अनुकूल आदेश प्राप्त किए, जो संपत्ति के लिए जयंत कर्नाड के उत्तराधिकार को साबित कर सकते थे. ईडी ने कहा है कि उनकी मां मालती कर्नाड और स्वर्गीय बीएम मुकुंद राव का खून का रिश्ता था. ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि बीएम मुकुंद राव के पुत्र बीएम लक्ष्मण राव का नाम एमएस प्लॉट नंबर की रैयत के रूप में दर्ज है. इसे भी पढ़ें – भ्रष्टाचार">https://lagatar.in/modi-and-bjp-talking-about-corruption-need-to-look-in-the-mirror-anita-yadav/">भ्रष्टाचार

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