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ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में 200 करोड़ की संपत्ति जब्त की

Chattisgarh : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में शामिल अभियुक्तों की 200 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की. साथ ही शराब घोटाले में छठा आरोप पत्र (Prosecution Report) दायर किया है. जब्त की गई संपत्ति का बाजार मूल्य 1000 करोड़ रुपये है. 

 

ईडी ने जिन अभियुक्तों की संपत्ति जब्त की है उसमें विकास अग्रवाल, अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, Hotel Westinn Goa, मेसर्स ओम साईं बिवरेजेज, मेसर्स दिशिता वेंचर और नेक्सजेन पावर इंजिटेक का का नाम शामिल है.  मेसर्स ओमसाईं और मेसर्स दिशिता वेचर झारखंड शराब घोटाले में भी शामिल हैं. झारखंड ACB और ED भी इन दोनों अभियुक्तों के खिलाफ झारखंड शराब घोटाले में जांच कर रही है.

 

ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में शामिल अभियुक्तों की संपत्ति जब्त करने के लिए तीन अलग-अलग जब्ती आदेश जारी किया है. पहले आदेश में विकास अग्रवाल और अनवर ढेबर की संपत्ति जब्त की गई है.

 

इन अभियुक्तों की जब्त संपत्ति का कागजी मूल्य 30 करोड़ रुपये हैं. अनवर ढेबर और रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टुटेजा ने सुनियोजित साजिश के तहत शराब घोटाले से 2883 करोड़ रुपये अवैध तरीके से जुटाए हैं. अभियुक्तों की संपत्ति की तलाश अभी जारी है.

 

ईडी ने दूसरे जब्ती आदेश के सहारे Hotel Westinn Goa को जब्त किया है. इन होटल की लागत 110 करोड़ रुपये है. जांच में पाया गया है कि मेसर्स पेसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है. राहुल अग्रवाल और विजय अग्रवाल इंक कंपनी के निदेशक हैं.

 

यह होटल शराब घोटाले के अर्जित अवैध धन से खरीदी गई है. इसमें शराब घोटाले में अवैध तरीके से कमाई गई रकम के नकद के रूप में निवेश किया गया है. ईडी ने तीसरा जब्ती आदेश पर मेसर्स ओम साईं बिवरेजेज, मेसर्स दिशिता वेंचर और मेसर्स नेक्सजेन पावर इंजिटेक की संपत्ति जब्त की है. इन अभियुक्तों ने फर्जी होलोग्राम के सहारे बेची शराब का 50-60 प्रतिशत हिस्सा शराब सिंडिकेट को दिया है.

 

यह रकम 51 करोड़ रुपये है. ईडी ने छठे आरोप पत्र में विजय भाटिया, टी भुनेश्वर राव, प्रबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर को आरोपित किया है. विजय भाटिया का संबंध ओम साईं बिवरेजेज से है. इस कंपनी में भाटिया की 52.5% की हिस्सेदारी है. 

 

उल्लेखनीय है झारखंड में हुए शराब घोटाले के दौरान शराब की थोक बिक्री का काम ओम साई बिवरेजेज और मेसर्स दिशिता वेंचर को मिला था. ACB द्वारा जारी जांच के दौरान इस बात का उल्लेख किया गया है कि इन कंपनियों से छत्तीसगढ़ से रद्दी किस्म की शराब लाकर झारखंड में आपूर्ति की.

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