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ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला किया था दर्ज
सीबीआइ में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी में दर्ज किया मामला
सीबीआइ में दर्ज प्राथमिकी और चार्जशीट के आधार पर ही ईडी ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है. मनी लांड्रिंग के तहत अनुसंधान के दौरान ईडी को मधुकान ग्रुप के माध्यम से अवैध तरीके से बनाए गई 361.29 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का पता चला है, जिस पर आगे का अनुसंधान जारी है.रांची से जमशेदपुर रोड का मिला था काम
मधुकान ग्रुप की कंपनी रांची एक्सप्रेसवे लिमिटेड को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर 114 से 277.50 किलोमीटर यानी कुल 163.50 किलोमीटर के फोर लेन का प्रोजेक्ट दिया था. यह रांची-जमशेदपुर रोड पर रांची से रड़गांव तक के लिए था, जिसे 18 मार्च 2011 को कंपनी को मिला था. कंपनी के संस्थापक निदेशक कम्मा श्रीनिवास राव, नामा सीतैया व नामा पृथ्वी तेजा थे. आरोप है कि कंपनी ने पूरी ऋण राशि प्राप्त करने के बावजूद परियोजना को पूरा नहीं किया, जिसके चलते बाद में उसका अनुबंध समाप्त कर दिया गया. इसके बाद गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय और एनएचएआइ की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-minister-raised-the-issue-of-non-receipt-of-centres-share/">झारखंडकी मंत्री जोबा मांझी ने उठाया केंद्रांश नहीं मिलने का मुद्दा [wpse_comments_template]

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