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क्लासिक कोल कंपनी की 3 करोड़ की संपत्ति ED ने की जब्त, रांची के लाइन टैंक रोड में है संपत्ति

Ranchi: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अलकतरा घोटाला मामले में कार्रवाई करते हुए क्लासिक कोल कंपनी की संपत्ति जब्त की है. ईडी टीम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए लाइन टैंक रोड स्थित पल्सर प्लाजा के पांचवें तल्ले पर स्थित एक कॉमर्शियल फ्लैट पर कब्जा किया. यह संपत्ति भी क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड व क्लासिक मल्टीप्लेक्स के नाम पर है, जिसके प्रबंध निदेशक स्व. पवन कुमार सिंह हैं. मनी लाउंड्रिंग एक्ट में जब्त इस संपत्ति की कागजी कीमत 1.34 करोड़ रुपये है, जिसका वर्तमान मूल्य तीन करोड़ रुपये है.

6.88 करोड़ रुपये का है घोटाला

यह घोटाला 6.88 करोड़ रुपये का है. इस मामले में ईडी ने दो बार आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की है. ईडी ने अपने पूरक आरोप पत्र में बताया था कि 1.83 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्ती के मामले में तीन अचल संपत्ति शामिल हैं. इनमें एक वाणिज्यिक व एक आवासीय संपत्ति शामिल है. दोनों संपत्ति रांची में है. वहीं, रामगढ़ में एक प्लॉट को भी ईडी ने जब्त किया था. ये संपत्ति मेसर्स क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स क्लासिक मल्टीप्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड और कंपनी के प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह के नाम है.

अलकतरा घोटाले की राशि से आरोपितों ने अपनी संपत्ति खड़ी की थी

सीबीआई की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज प्राथमिकी और दाखिल चार्जशीट के आधार पर ही ईडी ने मनी लाउंड्रिंग एक्ट में इस अलकतरा घोटाले की जांच शुरू की थी. इसमें मेसर्स क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह, मेसर्स क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के दूसरे निदेशक दिलीप कुमार सिंह, आरसीडी विभाग के 22 इंजीनियर्स और दो अज्ञात आरोपी बनाए गए थे.

आरोपियों ने 492 फर्जी दस्तावेज बनाकर आरसीडी विभाग को दिखाया कि एचपीसीएल के पश्चिम बंगाल स्थित रामनगर से 4630 मीट्रिक टन अलकतरा सड़क निर्माण के एवज में लिया. इसके एवज में विभाग से 6.88 करोड़ रुपये का भुगतान लिया. ईडी ने अनुसंधान के क्रम में पाया कि अलकतरा घोटाले की राशि से आरोपितों ने अपनी संपत्ति खड़ी की थी.

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