Ranchi: झारखंड की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के खिलाफ केस चलाने के लिए ईडी ने राज्य सरकार को पत्र लिखा है. ईडी ने पत्र लिखकर केस चलाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है. बीएनएसएस 2023 की धारा 218 में उल्लिखित है कि केस चलाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी. जिसके कारण ईडी को किसी लोक सेवक के विरुद्ध अभियोजन शुरु करने से पहले सरकार से पूर्वानुमति लेनी होगी. गौरतलब है कि बीते बीते 21 जनवरी को झारखंड सरकार ने भी पूजा सिंघल को निलंबन से मुक्त कर दिया था. इससे पहले उन्हें 7 दिसंबर 2024 के प्रभाव से निलंबन मुक्त किया गया था. 7 दिसंबर 2024 को ही पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा किया था. इसे भी पढ़ें -महाकुंभ-संगम">https://lagatar.in/woman-from-jharkhand-included-among-those-who-died-in-stampede-at-mahakumbh-sangam/">महाकुंभ-संगम
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पूजा सिंघल को 2 साल 8 महीने बाद मिली थी राहत
पूजा सिंघल को ईडी ने पीएमएलए 2002 की धारा-19 के तहत गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें 12 मई 2022 को निलंबित कर दिया गया था. इस तरह पूजा सिंघल करीब 2 साल 8 महीने तक निलंबित रहीं. वह भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2000 बैच की अधिकारी हैं. फिलहाल झारखंड में सचिव रैंक की अफसर हैं. पूजा सिंघल को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया गया था. उनके पति अभिषेक झा के सीए सुमन कुमार के ठिकाने से करीब 20 करोड़ रुपए से अधिक नकद बरामद हुए थे. इसे भी पढ़ें -BJP">https://lagatar.in/code-of-conduct-case-against-bjp-mla-cp-singh-found-true-charge-sheet-filed/">BJPविधायक सीपी सिंह के खिलाफ आचार संहिता का केस सत्य पाया गया, चार्जशीट दाखिल [wpse_comments_template]
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