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ईडी की बड़ी कार्रवाई, लालू परिवार की 6 करोड़ की संपत्ति अटैच

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नौकरी के बदले जमीन घोटाले का मामला
New Delhi : प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन के बदले नौकरी घोटाले में लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ी 6 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच कर लिया है. ये संपत्तियां पटना और गाजियाबाद में बताई जा रही हैं. यह कार्रवाई दिल्ली के ईडी ऑफिस की ओर से की गई है. इस मामले में राजद प्रमुख और पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और पूर्व सीएम राबड़ी देवी पहले से ही जांच का सामना कर रहे हैं. अभी हाल ही में सीबीआई ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र भी दायर किया था.

क्या कहना है ईडी का?

ईडी के मुताबिक, कुछ उम्मीदवारों के आवेदन को अप्रूव करने में जल्दबाजी दिखाई गई. कुछ आवेदनों को तीन दिनों में ही अप्रूव कर दिया गया. पश्चिम मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे ने उम्मीदवारों के आवेदनों को बिना पूरे पते के भी अप्रूव कर दिया और नियुक्त कर दिया.

ईडी कर रहा है मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच

रेलवे में नौकरी के बदले रिश्वत में जमीन लेने के आरोपों के मामले में सीबीआई जांच कर रही है. वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी जांच कर रही है. सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है. इस मामले में लालू यादव के करीबी व पूर्व विधायक भोला यादव और हृदयानंद चौधरी भी अभियुक्त हैं. लालू यादव के ओएसडी रहे भोला यादव को सीबीआई ने 27 जुलाई को गिरफ्तार किया था. भोला 2004 से 2009 के बीच तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के ओएसडी थे.

क्या है मामला

बिहार में ये घोटाला 14 साल पहले का है. केंद्र में यूपीए की सरकार थी और लालू यादव रेल मंत्री थे. इस मामले में 18 मई 2022 को सीबीआई ने केस दर्ज किया था. सीबीआई के मुताबिक, लोगों को पहले रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर सब्सटीट्यूट के तौर पर भर्ती किया गया और जब जमीन का सौदा हो गया, तो इन्हें रेगुलर कर दिया गया. सीबीआई की जांच में ये भी सामने आया कि रेलवे में सब्सटीट्यूट की भर्ती का कोई विज्ञापन या पब्लिक नोटिस भी जारी नहीं किया गया था, लेकिन जिन परिवारों ने लालू परिवार को अपनी जमीन दी, उनके सदस्यों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में नियुक्त कर दिया गया था.

कैसे हुआ था घोटाला

सीबीआई ने इस मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा यादव और हेमा यादव समेत कुछ उम्मीदवारों को आरोपी बनाया है. सीबीआई का आरोप है कि लालू प्रसाद यादव जब रेल मंत्री थे, तब उन्होंने ग्रुप डी में सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती के बदले जमीनें लीं. ये जमीनें लालू यादव ने अपने परिजनों के नाम कराईं. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि लालू यादव जब रेल मंत्री थे, तो उन्होंने जमीन के बदले सात अयोग्य उम्मीदवारों को रेलवे में नौकरी दी.
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