- उषा मार्टिन विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह
- 18 को गोल्ड व 577 छात्र-छात्राओं को डिग्री दी गयी
- सुपर 30 के आनंद को डीलिट की मानक उपाधि दी गयी
alt="" width="1600" height="1200" />
समाज की बेहतरी में योगदान दें
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख पहलों में से एक है. उन्होंने समाज की शिक्षा पर जोर दिया है. विश्वविद्यालयों को नई शिक्षा नीति 2020 लागू करना चाहिए. उन्होंने छात्रों से कहा कि आपने स्नातक और स्नातकोत्तर करने के दौरान कड़ी मेहनत की है. आपने सीखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है. ज्ञान और कौशल हासिल किया है, जो आपको अपने सपनों को आगे बढ़ाने और दुनिया को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने में सक्षम बनाएगा. जब आप विश्वविद्यालय छोड़ते हैं और वास्तविक दुनिया में कदम रखते हैं, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप अपनी शिक्षा का उपयोग न केवल अपने करियर को आकार देने के लिए करें, बल्कि समाज की बेहतरी में योगदान देने के लिए भी करें.सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं तो आपकी शिक्षा अधूरी है
राज्यपाल ने कहा - आप भाग्यशाली हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम हैं. आप एक ऐसे परिवार में पैदा होने के लिए भाग्यशाली हैं, जो आपकी शिक्षा के लिए भुगतान कर सकता है. हमारे राज्य में कई युवा हैं, जो गरीबी के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ हैं. आज आपको समाज के इन वंचित युवाओं पर चिंतन करना होगा. आपने जो शिक्षा प्राप्त की है, उसके माध्यम से आपको सामाजिक परिवर्तन लाने के तरीके खोजने चाहिए. यह सबसे अच्छा होगा यदि आप समुदाय को आर्थिक रूप से मजबूत करने के बारे में सोचें. यदि आप केवल अपने या अपने परिवार के बारे में सोचते हैं, तो आपकी शिक्षा अधूरी है. इसका मतलब यह होगा कि आपने अध्ययन किया है, लेकिन शिक्षा के सार को आत्मसात करना चाहिए.alt="" width="1600" height="1200" />
आने वाले समय में भारत विश्वगुरु बने : आनंद कुमार
सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने कहा - मैं उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त करता हूं. काम करते- करते आज ऐसा वक्त आया है कि मुझे इस काबिल समझा गया और डीलिट की उपाधि दी गई. मैं ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक पहुंच पांऊ और उन्हें पढ़ा पांऊ. उन्हें इस लायक बना पाऊं कि वे इतना अच्छा करें कि भारत आने वाले समय में विश्वव गुरु बने. आप अपने आप को कभी कम नहीं समझे. मेरे साथ भी कई उतार- चढ़ाव आए. हमले भी हुए. लेकिन मैंने हार नहीं मानी. कई प्रधानमंत्रियों ने मुझे चंदे का भी ऑफर किया, लेकिन मैंने नहीं लिया.कुलपति ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की
दीक्षांत समारोह के दौरान कुलपति ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने स्थायी परिसर में बुनियादी ढांचे के बारे में बताया. उन्होंने आगे विश्वविद्यालय में बेहतर शिक्षा देने की बात कही. विश्वविद्यालय में अलग -अलग कार्यों के लिए सरकार को धन्यवाद दिया. उन्होंने बताया कि हाल में विश्वविद्यालय में अनुसंधान और विकास में कई काम हुए हैं. विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्लेसमेंट समेत अन्य कार्यों के बारे में बताया.इन्हें मिले गोल्ड मेडल
कोयलादा दीपांकर, दीपशिखा, जी जया लक्ष्मी, मेघा कुमारी, राज सोनी, मैरी जरमन एक्का, पांडे अभिषेक नाथ रॉय, कृष्ण कुमार सिंह, जागृत रॉय, मोहम्मद यासिर अराफात, रोशन राज प्रजापति, इंद्रजीत यादव, कृष्णा कुमा सिंह, गजाला परवीन, अभिनव कुमार गुप्ता, गोविंदा गिरी, राखी कुमारी, पूरन बोइपाई और चंदन कुमार को गोल्ड मेडल दिया गया. इसे भी पढ़ें – ट्यूमर">https://lagatar.in/eye-came-out-due-to-tumor-complex-operation-done-in-rims/">ट्यूमरकी वजह से आंख निकल आई थी बाहर, रिम्स में हुआ जटिल ऑपरेशन [wpse_comments_template]

Leave a Comment