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DSPMU : पढ़ाई डांवाडोल, कंस्ट्रक्शन पर करोड़ों खर्च

 
डीएसपीएमयू : छात्रों का 12 करोड़ खर्च, सीनेट को भी नहीं दी गई जानकारी Amit Singh  Ranchi :  डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के कुलपति के रूप में डॉ. तपन कुमार शांडिल्य ने जून 2022 में पदभार संभाला. कुलपति की कुर्सी पर बैठते ही डॉ. शांडिल्य ने घोषणाओं की झड़ी लगा दी. 19 माह से ज्यादा समय गुजर गया, मगर एक भी घोषणा पूरी नहीं हुई. छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन देने के नाम पर डॉ. शांडिल्य ने 20 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च कर दिये. करोड़ों खर्च का लाभ छात्रों को कम, काम करने वाली एजेंसियों को ज्यादा मिला. तभी तो वीसी ने करोड़ों खर्च का अबतक ऑडिट नहीं कराया. विवि के सीनेट को भी खर्च की विस्तृत जानकारी नहीं दी. वोकेशन कोर्स फंड में करीब 30 करोड़ रुपये जमा थे, जिसे वीसी ने विवि का इंटरनल फंड के नाम पर खर्च करते आ रहे हैं.

वोकेशनल कोर्स के फंड को खुले हाथों खर्च कर रहा विवि प्रशासन 

डीएसपीएमयू के विभिन्न संकायों में वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई होती है. वोकेशनल कोर्स के छात्रों से हर साल फीस व अन्य मदों में तकरीबन 20 करोड़ रुपये लिए आते हैं, जो विवि के खाते में जमा कराये जाते हैं. विवि प्रशासन वोकेशनल कोर्स के फंड से अपने पास मात्र 20 प्रतिशत रख सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. विवि प्रशासन ने मनमाने ढंग से वोकेशनल कोर्स की शत-प्रतिशत राशि पर न सिर्फ मनमाने ढंग से कब्जा जमा लिया है, बल्कि कुलपति उन पैसों को खुले हाथों खर्च भी कर रहे हैं. विवि में पढाई की स्थिति डांवाडोल है, इसमें सुधार करने के बजाए कंस्ट्रक्शन पर करोड़ों खर्च किये जा रहे हैं.

परीक्षा के रिजल्ट में विलंब

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर सत्र 2022-24 में नामांकन लिए छात्रों की परीक्षा हो रही है, लेकिन परीक्षा का रिजल्ट नहीं आ रहा है. सबसे पहले, पहले सेमेस्टर की परीक्षा ली गई, लेकिन इसका रिजल्ट जारी हुए बिना ही, दूसरे सेमेस्टर का क्लास शुरू हो गया. इंटरनल और एक्सटर्लन की परीक्षा ले ली गई. दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा होने के बाद पहले सेमेस्टर की परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया. अभी दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा का रिजल्ट जारी नहीं हुआ है.

अपनी ही घोषणाओं को पूरा नहीं कर सके वीसी

वीसी बनते ही डॉ. शांडिल्या ने घोषणाओं की झड़ी लगा दी. उन्होंने कहा था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल गतिविधियों के कारण देशभर में विवि अपना स्थान कायम करेगा. कैलेंडर के अनुसार सिलेबस पूरा होगा. समय पर परीक्षा और रिजल्ट प्रकाशित किए जाएंगे. साल के अंत तक डिजिटल लाइब्रेरी व स्मार्ट क्लास रूम उपलब्ध करा दिया जाएगा. यूजी से लेकर पीजी स्तर पर अत्याधुनिक लैब की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाएगा. प्लेसमेंट सेल को अविलंब दुरुस्त किया जाएगा. छात्राओं के लिए कॉमन रूम, साईकिल स्टैंड की समस्या को दूर किया जाएगा. विवि का एकमात्र उद्देश्य हर हाल का सर्वांगीण विकास है. इससे किसी प्रकार से समझौता नहीं होगा. मगर कुलपति अपने किसी भी वादे और घोषणा को पूरा करने में अबतक सफल नहीं हुए हैं.

बायोटेक, नर्सिंग की पढाई नहीं हो सकी शुरू

डॉ शाडिल्य ने कहा था कि एक वर्ष के अंदर तीन नए कोर्स शुरू होंगे. बायोटेक, नर्सिंग और सेफ्टी मैनेजमेंट की पढाई शुरू होगी. तीन कोर्स शुरू करने के साथ ही स्टूडेंट्स के लिए लाइब्रेरी और साइंस रिसर्च सेंटर खोला जाएगा. इतना ही नहीं, वीसी ने कहा था स्टूडेंट्स के लिए स्टेडियम के साथ-साथ गर्ल्स होस्टल बनाया जाएगा. वीसी ने कहा था कि डीएसपीएमयू में इस वर्ष कई नए काम किये जाने हैं. मुलभूत जरूरतों को पूरा किया जाएगा. कुलपति की कुर्सी पर बैठने के बाद वीसी ने घोषणाओं की झड़ी लगा दी, मगर 19 माह का कार्यकाल गुजर जाने के बाद एक भी घोषणा पूरी नहीं हुई.

सरकार को भेजा प्रपोजल, मगर हुआ कुछ नहीं

कुलपति ने कहा था कि विश्वविद्यालय के लिए सेंट्रेल लाइब्रेरी जरूरी है. कई सारे जर्नल, मैगजीन, अखबार और किताब उपलब्ध करायी जानी हैं, जो विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होंगी. विवि में सेंट्रेल लाइब्रेरी की स्थापना करना मेरी प्राथमिकता है. इसके लिए सरकार को प्रपोजल भेज दिया गया है. मगर इतने दिनों के बाद भी विवि के प्रपोजल पर सरकार ने क्या निर्णय लिया, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. वीसी ने कहा था कि विवि के विद्यार्थियों और शिक्षकों की समस्याओं से रू-ब-रू होकर, समस्याओं को जल्द दूर कर दिया जायेगा. विवि में स्थिति पहले जैसी ही है. शिक्षक और छात्रों की समस्याओं का दूर करने के बजाए वीसी छात्रों के पैसों को खर्च करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. [wpse_comments_template]
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