Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (पीटी) परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. आज झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो छात्र प्रतिनिधियों के साथ राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मुलाकात कर परिणाम में कथित अनियमितताओं की शिकायत की. प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और परिणाम रद्द करने की मांग की.
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जेपीएससी ने अपनी नियमावली का पालन नहीं किया है. छात्रों का कहना है कि जारी परिणाम में आयोग के अधिकृत हस्ताक्षर नहीं हैं और न ही श्रेणीवार कट-ऑफ अंक जारी किए गए हैं. उनका दावा है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि परिणाम में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और कुछ अभ्यर्थियों की ओएमआर (OMR) शीट को लेकर भी संदेह पैदा हुआ है. छात्रों ने मांग की कि सभी अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट सार्वजनिक की जाए और पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए.
अभ्यर्थियों ने आयोग द्वारा आगामी परीक्षाओं की घोषित तिथियों पर भी आपत्ति जताई. उनका कहना है कि 18, 19 और 20 जुलाई को प्रस्तावित परीक्षाएं JSSC फील्ड वर्कर, UGC NET और UPSC CAPF जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से टकरा रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को नुकसान हो सकता है. उन्होंने परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव की भी मांग की.
JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यदि अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, राज्यपाल ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना और मामले को संबंधित स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया.छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे, न्यायालय का रुख करेंगे और राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे.


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