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राज्यपाल के शैक्षणिक सलाहकार ने डीएसपीएमयू के कार्यों की ली जानकारी, छात्रों व शिक्षकों को दिये टिप्स

  • कुलपति व अधिकारियों के साथ लंबी बैठक कर पूरी जानकारी ली
Ranchi : राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन के शैक्षणिक सलाहकार प्रो ई बालागुरुस्वामी और ओएसडी, न्यायिक मुकलेश चंद्र नारायण ने मंगलवार को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के प्रशासनिक और अकादमिक कार्यों की पूरी जानकारी ली. उन्होंने कुलपति डॉ तपन कुमार शांडिल्य, कुलसचिव डॉ. नमिता सिंह समेत विश्वविद्यालय के सभी डीन, एचओडी के साथ लंबी बैठक की. उनसे अकादमिक और विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना पर बात की. उन्होंने विश्वविद्यालय में रिसर्च और शोध की गुणवत्ता और संख्या पर प्रसन्नता जाहिर की. कहा कि जल्द ही इन सब मानकों को बनाए रखने के कारण यह विश्वविद्यालय अपनी अलग पहचान बनाएगा.

विद्यार्थी जिज्ञासु बनें, शिक्षक उन्हें प्रेरित करें- बालागुरुस्वामी

प्रो ई बालागुरुस्वामी ने शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि हमें विद्यार्थियों को इस बात के लिए प्रेरित करना होगा कि वे जिज्ञासु बनें और शिक्षकों से अपने शैक्षणिक समस्याओं पर निरंतर विमर्श करें. हमें अपने अध्यापन की प्रक्रिया में विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, सामूहिकता पर बल देने की आवश्यकता है. विद्यार्थियों को उनके व्यक्तित्व विकास को निखारने की जरूरत है. कहा कि यह मायने नहीं रखता कि हमारा परीक्षा परिणाम क्या है, बल्कि हमारी रुचि और हमारा मनोयोग ही हमें अपनी मंजिल पर पहुंचता है.

कुलपति ने गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंट की

इसके पूर्व कुलपति डॉ. शांडिल्य ने प्रो ई बालागुरुस्वामी और मुकलेश चंद्र नारायण का स्वागत किया और उन्हें गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंट की. प्रो ई बालागुरुस्वामी ने कुलपति को अपनी पुस्तक की एक प्रति भेंट स्वरूप दी. अपने स्वागत भाषण में प्रो शांडिल्य ने विस्तार से रांची कॉलेज के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय बनने तक की सफर की विवेचना की. कहा कि जल्द ही विश्वविद्यालय अपनी अकादमिक और अन्य गतिविधियों में श्रेष्ठता लाकर प्रगति के पथ पर गतिशील होगा.

विश्वविद्यालय की स्थित से अवगत कराया गया

इसके पूर्व विश्वविद्यालय के आइक्यूएसी संभाग के डॉ. अभय कृष्ण सिंह द्वारा सभागार में स्लाइड के माध्यम से पूरे विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना, अकादमिक स्थिति, विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, शोध और रिसर्च जर्नल के प्रकाशन से संबंधित जानकारी प्रदान की गई. विभाग के अन्य सदस्य डॉ शालिनी लाल, शमा सोनाली और डॉ विनय भरत भी मौके पर उपस्थित थे. यह जानकारी पीआरओ प्रो राजेश कुमार सिंह ने दी. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/school-timings-changed-in-jharkhand/">झारखंड

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