Ranchi : आदिवासी समाज के रीढ़, प्रख्यात मानवशास्त्री और शिक्षाविद डॉक्टर करमा उरांव का आज तड़के सुबह निधन हो गया. डॉक्टर करमा उरांव ने 72 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. बीते कुछ दिनों से उनका इलाज रांची के मेदांता हॉस्पिटल में चल रहा था. डॉ करमा उरांव का अंतिम संस्कार कल यानी 15 मई सुबह 10 बजे मोरहाबादी के एदेलहातु स्थित मसना में किया जायेगा. (पढ़ें, एनसीबी">https://lagatar.in/drugs-worth-rs-12000-crore-seized-in-joint-operation-of-ncb-and-indian-navy/">एनसीबी
और भारतीय नौसेना के संयुक्त अभियान में 12 हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गयी)
और भारतीय नौसेना के संयुक्त अभियान में 12 हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गयी)
सरना धर्म कोड सहित झारखंड की कई समस्याओं को लेकर थे आंदोलनरत
डॉक्टर करमा उरांव वर्तमान सरना धर्म कोड सहित झारखंड की कई समस्याओं को लेकर आंदोलनरत थे. वे 12 से अधिक देशों का भ्रमण कर दुनिया का मार्गदर्शन कर चुके हैं. उनका जाना आदिवासी समाज सहित झारखंड, भारत और पूरी दुनिया के लिए अपूर्णीय क्षति है. उनके योगदान और उत्कृष्ट कार्यों के कारण वे हमेशा सबके दिलों में अजर अमर रहेंगे. सरना मां उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिवार तथा समाज को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दे.
इसे भी पढ़ें : 4.46">https://lagatar.in/two-story-of-4-46-acres-of-land/">4.46
एकड़ जमीन की दो कहानी
एकड़ जमीन की दो कहानी
[wpse_comments_template]
Leave a Comment