Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

गैर बासमती चावल के निर्यात पर मोदी सरकार के प्रतिबंध का असर अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया में, सुपरमार्केट्स में पैनिक खरीदारी पर रोक, खरीद की सीमा तय

Advertisement
Advertisement
New Delhi : मोदी सरकार द्वारा गैर बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिये जाने से अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में चावल की खरीद के लिए हड़कंप मचा हुआ है. खबर है कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया धंधा चला रहे सुपरमार्केट्स ने ग्राहकों के लिए चावल की खरीद को लेकर एक सीमा तय कर दी गयी है, जिससे चावल की पैनिक खरीदारी पर रोक लग सके.                                             ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

नेशनल खबरों के लिए यहां क्लिक करें

IMF ने अपील की, प्रतिबंध हटा दे भारत से

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत से अपील की है कि वह गैर-बासमती चावल के निर्यात पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दे. आईएमएफ का मानना है कि ऐसे फैसले पूरी दुनिया में गलत प्रभाव डालते हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरींचस ने आशंका जताई कि इस प्रकार के प्रतिबंधों से दुनिया के बाकी देशों में खाद्य कीमतों में अस्थिरता बढ़ सकती है.

2023 में वैश्विक अनाज की कीमतें 10-15 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं

पियरे-ओलिवियर ने अंदेशा जताया कि भारतीय प्रतिबंध का प्रभाव वैसा ही हो सकता है, जैसा कि रूस-यूक्रेन के बीच काला सागर समझौता टूटने से हो रहा है. बता दें कि गेहूं के शीर्ष निर्यातकों में शामिल यूक्रेन काला सागर के जरिए अपना गेहूं विश्व बाजार में भेजता है. लेकिन बदलते घटनाक्रम के बीच रूस ने इस समझौते को रद्द कर दिया. रूस के इस कदम से अचानक गेहूं की कीमतें आसमान छूने लगीं. गौरींचस ने कहा है कि 2023 में वैश्विक अनाज की कीमतें 10-15 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं.

भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है

जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने और खुदरा कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए 20 जुलाई को गैर बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. बता दें कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है. भारत का 2022-23 में चावल के वैश्विक निर्यात में 40 फीसद का योगदान था.

उसना चावल के निर्यात पर प्रतिबंध नहीं है

खाद्य मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि प्रतिबंध उसना चावल के निर्यात पर नहीं है. 2022-23 में भारत के गैर-बासमति सफेद चावल का कुल निर्यात 42 लाख डॉलर का था जबकि पिछले साल यह निर्यात 26.2 लाख डॉलर रहा था. जान लें कि भारत गैर-बासमती सफेद चावल का निर्यात अमेरिका, थाईलैंड, इटली, स्पेन और श्रीलंका को करता है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही