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ईद खुशी और शादमानी का पैगाम : मौलाना डॉ असगर मिसबाही

  • रांची ईदगाह के इमाम मौलाना डॉ असगर मिसबाही
Ranchi : ईद खुशियों का त्योहार है. ईद जब आती है, तो हर तरफ जश्न का माहौल बन जाता है. ईद उस इश्तामई खुशी और मुसर्रत के दिन का नाम है, जो मुसलमान रमजान के मुबारक महीना के खत्म होने पर शुक्राने के तौर पर मनाते हैं. हर कौम और धर्म में कोई न कोई दिन ऐसा होता है, जिसमें आमतौर पर खुशी पर खुशी मनाई जाती है. अच्छे- अच्छे कपड़े पहने जाते हैं. उम्दा से उम्दा खाना खाया जाता है. मुसलमानों को अल्लाह ताला ने खुशियां मनाने के लिए एक त्योहार ईद की शक्ल में अता फरमाया है. जिसमे हुक्म है कि अच्छे से अच्छे कपड़े पहने जाएं और बेहतर से बेहतर खाना खाया जाए. एक दूसरे को मुबारकबाद दी जाए. ईद का दिन गले लगाने का दिन है. मिलने- मिलाने का दिन है. गरीबों, यतीमों और जरूरतमंदों की खबरगिरी का दिन है. ईद के दिन मुसलमान शुक्राना अदा करने के लिए ईदगाह जाते हैं. अल्लाह की तरफ से रोजेदारों को ईनाम और इकराम से नवाजा जाता है. बड़े खुशनसीब हैं वो लोग जो अपने खुदा से आज के दिन रोजों, नमाजों और इबादतों का बदला ले रहे हैं. ईद का दिन ईनाम का दिन है, ये त्योहार खुदा की तरफ से दी गयी है. मुसलमानों को चाहिए कि ईद बड़ी सादगी से मनाएं. खुशदिली का मुजाइरह करें और अपने हमवतन भाइयों और दूसरे धर्म वालों को भी अपनी खुशी में शामिल करें. ईद का त्योहार अमन, शांति और भाईचारा का पैगाम देता है. [wpse_comments_template]  

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