alt="" width="1600" height="720" /> टोपी बेचता दुकानदार[/caption]
टोपी और इत्र के बाजार में ग्राहकों की मंदी
हजारीबाग के जाने-माने इत्र और टोपी के कारोबारी फैज अहमद ने कहा कि टोपी ईद के बाजार में सबसे महत्वपूर्ण खरीदारी होती है. लोग टोपी तो खरीद रहे हैं, लेकिन कम दाम की टोपी अधिक बिक रही है. वहीं इत्र की खरीदारी भी हो रही है, लेकिन बिक्री वैसी नहीं देखी जा रही है. कहा जाए तो काम चलाऊ मार्केटिंग इस बार लोग ईद के लिए कर रहे हैं. इसे पढ़ें- नरोदा">https://lagatar.in/naroda-riots-68-accused-including-former-gujarat-minister-and-bjp-leader-maya-kodnani-babu-bajrangi-acquitted/">नरोदादंगा : गुजरात की पूर्व मंत्री और भाजपा नेता माया कोडनानी, बाबू बजरंगी सहित 68 आरोपी बरी
अप्रैल माह में आयी ईद ने बिगाड़ी बाजार की सेहत
इसका प्रमुख कारण अप्रैल का महीना है. मार्च के महीने में हर एक व्यक्ति पर अतिरिक्त बोझ होता है. लोग पढ़ाई-लिखाई का सामान खरीदते हैं. स्कूल में री-एडमिशन का दौर चल रहा है. किताब के दाम बढ़ गए हैं. ऐसे में लोग अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर अधिक खर्च कर रहे हैं. इस कारण भी बाजार की रौनक घट गई है. उनका यह भी कहना है कि हर एक तबका पढ़ाई-लिखाई के प्रति जागरूक हो रहा है. मुस्लिम समुदाय में भी पढ़ाई-लिखाई के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है और उसका असर बाजार पर पड़ रहा है.ड्राई फ्रूट्स का घटा कारोबार
ड्राई फ्रूट्स के कारोबारी मोहम्मद इस्लाम बताते हैं कि सेवइयां ईद का सबसे खास पकवान होता है. सेवइयां बनाने के लिए ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी लोग करते थे. इस बार उनकी दुकान में खरीदार तो आ रहे हैं, लेकिन जो व्यक्ति 1000 का मेवा खरीदता था, इस बार सीधा आधा 500 रुपए की खरीदारी कर रहा है. ऐसे में मार्केटिंग पर 50% का असर पड़ रहा है. प्लेन पिस्ता ₹2000 , काजू ₹1000, बदाम गिरी 800 रुपए और छुहाड़ा 350 रुपए प्रति किलो बिक रहा है.रांची और बनारस से आए हैं लच्छे के कई प्रकार
अगर लच्छे की बात की जाए तो लड्डू लच्छा 110 रुपए किलो, रिफाइंड लच्छा 140, रहमानिया 160, किमारी लच्छा 220 रुपए प्रति किलो के दाम से बाजार में उपलब्ध है. शहर में लच्छा के लगभग 100 से अधिक दुकानें लगाई गई हैं. लच्छा रांची और बनारस के बाजार से लाकर बेचा जा रहा है.15 से 450 रुपए तक बिक रहीं टोपियां
ईद की खरीदारी में टोपी का विशेष महत्व है. हजारीबाग में टोपी 15 से लेकर ₹450 तक का बिक रही है. टर्की, इंडोनेशिया, अफगानिस्तान, कोलकाता, मुंबई और रांची से टोपियां लाकर बेची जा रही हैं. टर्की टोपी 50, इंडोनेशिया टोपी 25 से 50, अफगानिस्तान 175 से ₹400 तक के बीच बाजार में उपलब्ध कराई गई है. सबसे अधिक मांग इंडोनेशिया टोपी की है. वहीं धागे की बनी टोपी की कीमत 450 रुपए है. दुकानदार बताते हैं कि पहले पाकिस्तान की टोपी भी हजारीबाग के बाजार में उपलब्ध थी, लेकिन अब पाकिस्तानी टोपी यहीं बननी शुरू हो गई है. इस कारण हम लोग पाकिस्तान से टोपी नहीं मंगा रहे हैं. इसे भी पढ़ें- यूसेट">https://lagatar.in/mou-between-uset-and-rtcit-will-help-in-training-and-placement/">यूसेटऔर आरटीसीआईटी के बीच एमओयू, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट में मिलेगी मदद

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