Ahmedabad : गुजरात के गिर जंगल क्षेत्र में पिछले दो दिनों में 5 शावक सहित आठ शेरों की मौत होने की खबर है. शावकों में से दो की मौत संदिग्ध बाबेसिया वायरस से होने की बात कही गयी है
तीन शेरों की मौत प्राकृतिक कारणों और आपसी संघर्ष में गयी है, गुजरात के वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने यह जानकारी दी है
अर्जुन मोढवाडिया ने मंगलवार को बताया कि गिर जंगल में किसी बड़े संक्रमण या महामारी जैसी स्थिति नहीं है. बाबेसिया वायरस से दो शावकों की संदिग्ध मौत दर्ज की गयी है, जबकि तीन शावकों की मौत अन्य वजहों से हुई है.
अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीमें वायरस की जांच में जुटी हुई है. संदिग्ध शेरों की पहचान कर उनके सैंपल एकत्र किये जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार साल 2018 में बेबेसिया वायरस से एक माह के अंदर 11 शेरों की मौत हो गयी थी.
आठ शेरों की मौतों के संदर्भ में प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (वाइल्डलाइफ) जयपाल सिंह ने बताया कि ये अलग-अलग घटनाएं हैं. इनमें कुछ भी असामान्य नहीं है.
तीनों शावकों की मौत जंगल के अलग-अलग क्षेत्र में हुई है. कहा कि लिलिया रेंज में 1, सावरकुंडला रेंज और सरसिया रेंज में 1-1 शावक की मौत हुई है.बताया ति दो शेरों की मौत प्राकृतिक कारणों से, जबकि एक शेर आपसी संघर्ष में गया है
गुजरात में एशियाई शेरों की कुल संख्या वर्तमान में 891 है. सितंबर, 2025 में विधानसभा में सीएम भूपेंद्र पटेल ने शेरों की गिनती के नये आंकड़े जारी किये थे. बताया था कि 2020 में 674 शेर थे, जो बढ़कर 891 हो गये हैं.
2025 में 10 अप्रैल से 13 मई के बीच अत्याधुनिक तकनीक से शेरों की गणना की गयी थी. जान लें कि गुजरात के 11 जिलों की 58 तहसीलों में शेरों की उपस्थिति है, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, द्वारका, पोरबंदर और राजकोट जिलों के जंगलों में शेरों बसते हैं.
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