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चुनाव आयोग ने ऐतिहासिक मतदान के लिए झारखंड के वोटर्स को किया सलाम

Ranchi: भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की बढ़ी हुई भागीदारी पर अत्यधिक संतोष व्यक्त किया. मुख्‍य‍ निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदान करने वाले मतदाताओं के साहस और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा की, जिन्होंने धमकियों और बहिष्कार के आह्वान को दरकिनार करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपना विश्वास दोहराया. उन्होंने कई निर्वाचन क्षेत्रों में पुरुष मतदाताओं से आगे निकलकर महिला मतदाताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी की भी सराहना की. झारखंड के मतदाताओं ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते समय मुख्‍य‍ निर्वाचन आयुक्‍त राजीव कुमार द्वारा की गई अपील का उत्साहपूर्वक जवाब दिया. आयोग ने मतदान अधिकारियों के समर्पण और दृढ़ता के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया. अधिकारियों ने घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ इलाकों और दूरदराज के इलाकों में जाकर यह सुनिश्चित किया कि हर मतदाता, चाहे वह कितना भी दूर क्यों न हो, मतदान केंद्रों तक अपना वोट डालने के लिए पहुँच सके. मुख्‍य‍ निर्वाचन आयुक्‍त, राजीव कुमार के नेतृत्व में सावधानीपूर्वक योजना और मार्गदर्शन के माध्यम से अर्धसैनिक बलों और सुरक्षा बलों ने सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया, जिससे बूढ़ा पहाड़ और सारंडा जैसे उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में घटना मुक्त मतदान का मार्ग प्रशस्त हुआ. राज्य में स्थापित 29563 मतदान केंद्रों में से किसी में भी पुनर्मतदान नहीं हुआ. भारतीय वायु सेना, सीमा सुरक्षा बल और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के समन्वित प्रयासों से मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों को राज्य के सुदूर कोनों तक ले जाने और वापस लाने में सहायता मिली. लोकसभा आम चुनाव 2024 के दौरान प्राप्त अनुभवों आधार पर ILMS प्लेटफॉर्म आधारित गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिला स्तर, विधानसभा स्तर और प्रखंड स्तर पर चुनाव के लिए तैनात सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रदान किया गया. विशेष अभियान दिवसों के माध्यम से समाज के कमजोर वर्ग के सदस्यों के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे पात्र पीवीटीजी की पूरी आबादी का 100% नामांकन सुनिश्चित हुआ. समावेशी लोकतंत्र के लिए जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र में 57 कुष्ठ रोग प्रभावित मतदाताओं के लिए एक सहायक मतदान केंद्र बनाया गया था और वहां 100% मतदान हुआ. भारत निर्वाचन आयोग के आदर्श वाक्य ‘Every Vote Counts’ को सुनिश्चित करने के लिए, लगभग 1.8 लाख कर्मियों और 85 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगजनों ने डाक मतपत्र का उपयोग करके अपने मताधिकार का प्रयोग किया और 44015 सेवा मतदाताओं को ETPBS प्रेषित किया गया. इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/7-5-lakh-liters-of-liquor-seized-after-announcement-of-elections-in-jharkhand/">झारखंड

में चुनाव की घोषणा के बाद 7.5 लाख लीटर शराब जब्त

प्रलोभन मुक्त चुनाव

नकदी, ड्रग्स, शराब और मुफ्त उपहार जैसे प्रलोभनों को मतदाताओं पर हावी न होने देने पर जोर देते हुए, मुख्‍य‍ निर्वाचन आयुक्‍त राजीव कुमार ने सभी प्रवर्तन एजेंसियों को सतर्क और त्वरित कार्रवाई के लिए सख्त संदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप झारखंड में जब्ती पर उल्लेखनीय रोक लगी और चुनावों के दौरान 200 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती हुई - जो 2019 की तुलना में 12 गुना से अधिक है. आयोग के नेतृत्व में उच्च अधिकारियों के साथ अंतर-राज्यीय बैठकों और आवधिक समीक्षाओं के परिणामस्वरूप सीमाओं पर प्रभावी नियंत्रण हुआ. वेबकास्टिंग फीड की सहायता से एकीकृत चेक पोस्टों की लगातार निगरानी मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी स्तर, जिला निर्वाचन पदाधिकारी स्तर और पुलिस अधीक्षक स्तर पर नियंत्रण कक्षों में की गई, ताकि अवैध प्रलोभनों के खिलाफ त्वरित और लक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. वन जांच चौकियों, मुफ्तखोरी के लिए जब्ती आदि की भूमिका बढ़ाई गई और वाणिज्यिक कर विभाग और वन विभाग द्वारा जब्ती में तेजी से वृद्धि हुई. राज्य में चेक पोस्ट एकीकृत चेक पोस्ट के रूप में कार्यान्वित किया गया. चेक पोस्ट से वेबकास्टिंग फीड की निगरानी मुख्‍य निर्वाचन पदाधिकारी स्तर, जिला निर्वाचन पदाधिकारी स्तर और पुलिस अधीक्षक स्तर पर नियंत्रण कक्षों में लगातार की गई.

मतदान केन्द्रों पर परेशानी मुक्त अनुभव

आयोग के मार्गदर्शन में सभी मतदान केन्द्रों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई और मतदाताओं के लिए स्वागतयोग्य व सुखद वातावरण तैयार किया गया. राज्य की विविधताओं को ध्यान में रखते हुए विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में 98 बूथ थीम आधारित थे. इसके अलावा 1391 बूथ महिलाओं द्वारा प्रबंधित, 46 बूथ दिव्यांगों द्वारा प्रबंधित और 49 बूथ युवाओं द्वारा प्रबंधित थे.

मतदान में बेहतर एवं विविधतापूर्ण भागीदारी

81 विधानसभा क्षेत्रों में से 75 विधानसभा क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुष मतदाताओं से अधिक रही. वहीं 74 विधानसभा क्षेत्रों में 2019 के विधानसभा चुनावों की तुलना में मतदान में वृद्धि देखी गई.

नाला विधानसभा क्षेत्र में राज्य में सबसे अधिक 80.56 प्रतिशत मतदान हुआ

कतार प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ बनाना, परिवारिक मतदान या `सपरिवार` को बढ़ावा देना मतदाता अपील के लिए भारत के निर्वाचन आयोग के स्वीप आइकन महेंद्र सिंह धोनी का उपयोग करने, प्रवासी श्रमिकों के लिए लक्षित संदेश देने और सोशल मीडिया पर राज्यवार स्वीप गतिविधियों को बढ़ावा देने के परिणामस्वरूप राज्य में इसकी स्थापना के बाद से सबसे अधिक मतदान प्रतिशत रहा. विधानसभा आम चुनाव 2024 के दौरान मतदान प्रक्रिया में तेजी लाने और उसे गति देने पर जोर दिया गया. प्रति मिनट दो मतदाताओं को लक्ष्य बनाकर मतदान अधिकारियों, बीएलओ और मतदान प्रक्रिया में शामिल स्वयंसेवकों को Voters Turnaround Time Management` मॉड्यूल पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया. नतीजतन, सभी बूथों पर लंबी कतारों और धीमी मतदान शिकायतों के बिना मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हुई. चुनाव आयोग के स्वीप आइकन महेंद्र सिंह धोनी का परिवार के साथ मतदान करने का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किया गया. पिछले विधानसभा आम चुनावों की तुलना में मतदान में उल्लेखनीय सुधार इस अभियान की सफलता का संकेत है. राज्य भर में विभिन्न स्वीप कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पर हैशटैग अभियान (#VoteDeneChalo, #MummyPapaVoteDo) ने मतदाताओं में जागरूकता सुनिश्चित की. ये दोनों सोशल मीडिया अभियान राष्ट्रीय स्तर पर ट्रेंड हुए. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 135बी के अंतर्गत संगठनों द्वारा सवैतनिक अवकाश का कड़ाई से क्रियान्वयन किया गया.

मतदान दिवस की निगरानी

माननीय आयोग की गहन निगरानी में नियंत्रण कक्षों से केंद्रीकृत और सुव्यवस्थित निगरानी से यह सुनिश्चित हुआ कि मतदान दिवस पर हिंसा, फर्जी मतदान या मतदान केंद्रों पर किसी भी प्रकार के अनुचित प्रभाव की कोई शिकायत नहीं आई और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुनर्मतदान की कोई भी घटना नहीं हुई. सेक्टर मजिस्ट्रेटों के गहन प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप ई.वी.एम. का परिवहन और प्रतिस्थापन सुचारू रूप से हुआ. प्रत्येक स्तर पर राजनीतिक दलों की भागीदारी से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई. प्रत्येक वाहन पर जीपीएस ट्रैकिंग के माध्यम से निगरानी की गई और समय पर स्ट्रांग रूम तक वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की गई. ईवीएम हैंडलिंग भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम मैनुअल के अनुसार की गई. भारत निर्वाचन आयोग ने हमेशा चुनाव संचालन से संबंधित विभिन्न अनुदेशों और कानूनी प्रावधानों पर चुनाव मशीनरी के प्रशिक्षण पर जोर दिया है.

मतगणना दिवस की तैयारियां

23 नवंबर को होने वाली मतगणना के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सभी मतगणना केंद्रों पर मतगणना के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं. प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग से मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं. डाक मतपत्र की निष्पक्ष गणना सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक टेबल का नेतृत्व सहायक निर्वाची पदाधिकारी करेंगे. सम्पूर्ण प्रक्रिया मीडिया और उम्मीदवारों, उनके एजेंटों की पूरी निगरानी में पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी, तथा उम्मीदवारों को इस प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. स्ट्रांग रूम को पर्याप्त सुरक्षा के साथ मजबूत बनाया गया है और वीडियो निगरानी से मतगणना प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित होगी. डाक मतपत्रों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी. . नतीजे सुबह 9-9:15 बजे आने शुरू होंगे. पोस्टल बैलेट और ईटीपीबीएस के लिए अलग-अलग टेबल स्थापित की गई हैं. इसे भी पढ़ें - लैंड">https://lagatar.in/land-scam-hearing-on-the-bail-of-former-ranchi-dc-chhavi-ranjan-now-on-saturday/">लैंड

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