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alt="" width="600" height="400" /> हालांकि, कुछ नेताजी लोगन का एरियावाइज भी पोस्टर-बैनर लग गया है. यानि कोई हटिया से चुनाव लड़ना चाहता है और टिकट की दावेदारी किए हुए है, तो ऊ नेताजी अपना होर्डिंग, बैनर-पोस्टर उसी इलाके में लगाईले हैं. इसी तरह अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र में नेताजी लोग पोस्टर-बैनर से चेहरा चमकाईले हैं. कुछ नेताजी तो नवरात्र, दुर्गापूजा, विजयादशमी की ही शुभकामनाएं दे रहे हैं, तो कुछ अईसन भी नेताजी पोस्टर में उभर आये हैं, जो दिवाली-भाई दूज, छठ तक के शुभकामना एडवांस में ही दे दीहिन हैं. अइसन नेताजी के एक समर्थक कहते हैं, भाई फेस्टिव सीजन है. दुर्गापूजा शुरू होती ही दिवाली, छठ की भी तैयारी शुरू हो जाती है और लोग बाजार में, पूजा पंडाल में जुटते हैं, तो पोस्टर-बैनर, होर्डिंग पर नजर पड़बे करेगा. यदि भगवत कृपा से कहीं टिकटवा मिल गया, तो कम से कम आम लोग को ज्यादा न बतावे पड़ेगा. वैसे नेताजी के समर्थक कहते हैं, भाई पर्व-त्योहार में प्रचार-प्रसार का ई सशक्त माध्यम है. अब देखिए न, रांची शहर में तो कईगो अईसन पार्टी व नेताजी के पोस्टर-बैनर लग गईल है, जेकर नाम न कहियो सुना है, न ओकरा लोग जानता है. खास कर राजनीति में एक्टिव लोग के भी न तो ऊ पार्टिया के बारे में पता है, न ऊ नेताजी के बारे में. प्रमुख राजनीतिक पार्टी के नेताजी को लोग थोड़ा बहुत तो ऊ पेशा के लोग जानबो करते हैं, आम लोग भी तनिका जानबो-बुझबो करता है, लेकिन नयका पार्टी वे नेताजी के नाम देख के लोग चिहा जा रहा है. कहता है - भाई इनका बारे में कहियो कोई सुनबो नहीं किया है. न उनको तनिको जानता है. एक-दू गो नेताजी और उनकी पार्टियो का नाम कभी नहीं सुना है. कुछ इलाकों में एगो कोनो जोहार पार्टी के पोस्टर कोई नेताजी लगाईले हैं. दर्शनार्थियों को ढेरे-ढेर शुभकामनाएं देले हैं. लेकिन ई नयका पार्टिया कब अवतरित हुई, के लांच किहीस, ई राजनीति के धुरंधर लोगन के भी न पता है. कुछ नेताजी लोग खास कर बड़की पार्टिया वाले, चुनाव में किस्मत आजमावे ला बेकरार हैं. तो ऊ लोग ढेरे होर्डिंग लगाईले हैं व पोस्टरबाजी कईले है. कुछ नेताजी लोग के आजू-बाजू वाला लोग कहले है कि अरे उनके नेताजी को कोई टिकट थोड़े न चाही, चुनावो न लड़ेला है. लेकिन ईहे बहाने आम लोग व अपनी पार्टी के बड़का नेताजी लोग के नजर में तो आईए जाएंगे. अभी भाई टिकटवा लगी ढेरे मारा-मारी हो रहल है, अईसे में साइडे रहे में भलाई है, लेकिन अभिये से आम लोग के साथे बड़का नेताजी लोग के नजर में रहेंगे, तो तनिका फायदा तो होबे न करेगा. वईसे पोस्टर-बैनर और होर्डिंग लगावे में नेशनल पार्टिया के लोग तो आगे-आगे हईये है, रिजनल पार्टी वाला नेताजी लोग भी तनिको न पिछुआ रहल है. सबके मालूम है कि सप्ताह-10 दिन में पोस्टर-बैनर, होर्डिंग के सफाचट करे पड़ेगा, लेकिन तबतक तनिका भीड़-भाड़ में कुछो लोग तो चिह्न जाए, जान जाए. तबे न बात बनेगा. वईसे पोस्तर-बैनर वार में कई गो अइसन नेताजी लोग भी शामिल हो गये हैं, जे इहे पर्व-त्योहार के बहाने तनिका चंदा-चुटिया करे के जुगाड़ में लग गईल हैं. आगे इनको कितना फायदा होगा, ई तो राम जानें, लेकिन नेताजी लोग चेहरा चमकावे के होड़ में शामिल हो गईल है. अब चेहरा चमकाओ प्रतियोगिता में नेताजी लोग के कितने लाभ होगा, कईसन लाभ होगा, ई तो उहे लोग जानें, लेकिन आम लोगन को ई चेहरा चमकउवा नेता लोगन से कोईयो मतलब न है. कुछ लोग तो ईहे कह रहा है, भाई पूजा घूमेला है, मेला घूमेला है, ई नेताजी लोग के थोबड़वा निहारे से आखिर का होवे वाला है. [wpse_comments_template]
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