Ghatshila : बहरागोड़ा के कालियाडांगा चौक के पास फ्लाई ओवर पर पुटूश और अमोरी फूलों की माला पहने जमुरे हवा में उछल-उछल कर कुछ पकड़ रहा था. और तभी उस्ताद आ पहुंचे. उस्ताद बोले- अरे जमुरे बचवा फोरलेन के फ्लाई ओवर पर चढ़कर ई क्या नौटंकी कर रहा है? मरने का मन है क्या? जमुरे बोला गुरु- चुनावी मेला में हम उछल-उछल कर हवा में उड़ रहे बाबा के भगवा गमछा को पकड़ रहे हैं. इहे गमछा को अपने माथे पर बांधकर चुनावी समर में कूद जाना है. उस्ताद बोले- इ गमछा में कुछ खास है क्या. जमुरे बोला गुरु- आप बिल्कुल ही ठीक पकड़े हैं. बाबा के गमछा में कुछ तो खास है. इ गमछा में बाबा और डॉक्टर साहब के होश के साथ डॉक्टर साहब के बुतरु का जोश भी शामिल है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-road-safety-workshop-organized-in-womens-college/">जमशेदपुर
: वीमेंस कॉलेज में सड़क सुरक्षा कार्यशाला का हुआ आयोजन चेले तो कह रहे हैं कि बाबा के इ गमछा कमाल और धमाल करेगा. उस्ताद बोले- जमुरे! हम तो सुने थे कि बाबा और डॉक्टर साहब में पुराना खटपट है? जमूरे बोला- गुरु पहले खटपट था, मगर अब समय की नजाकत को देखते हुए दोस्ती हो गई है. मकर संक्रांति के बाद निर्मल बाबा के दरबार में बैठकी हुई थी और हम एक हैं, की आवाज बुलंद हुई थी. उसके बाद से दोनों राजनीति की चौपड़ पर साथ-साथ चल रहे हैं. पंचायत चुनाव में भी दोनों साथ हैं और अपने समर्थित उम्मीदवारों को विजयी बनाने के लिए रणनीति बना रहे हैं. सेनापति की तरह सेना को दिशा निर्देश दे रहे हैं. जमुरे बोला गुरु- अब देखना यह है कि बाबा का यह गमछा 25, 26 और 27 नंबर पर क्या गुल खिलाता है? [wpse_comments_template]
चुनावी रणक्षेत्र : ...और हवा में उड़ता जाए भगवा गमछा बाबा का

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