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झारखंड में ग्रामीण- शहरी कंज्यूमरों के लिए 1 जून से 5 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो गयी बिजली

  • हाईटेंशन स्पेशल सर्विस (लोहा गलाने) बिजली हुई सस्ती
  • सभी केटेगरी में 6.50 प्रतिशत हुई बढ़ोतरी
  • कृषि एवं सिंचाई केटेगरी में कोई बढ़ोतरी नहीं, फिक्स चार्ज 20 रुपये बढ़ा
  • फिक्स चार्ज में शहरी कंज्यूमर के लिए 25 रुपये और ग्रामीण कंज्यूमरों के लिए 30 रुपये की बढ़ोतरी
Ranchi : झारखंड में चार साल बाद 1 जून के प्रभाव से बिजली महंगी हो गयी है. आम कंज्यूमरों के लिए 5 पैसा प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गयी है. इसके साथ ही फिक्स चार्ज में शहरी कंज्यूमर के लिए 25 रुपये और ग्रामीण कंज्यूमरों के लिए फिक्स चार्ज में 30 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है. वहीं हाईटेंशन स्पेशल सर्विस (फर्नेस इंडस्ट्रीज, लोहा गलाने के इंडस्ट्रीज) की बिजली 35 पैसे सस्ती की गयी है. इंडस्ट्रीज एरिया की बिजली दरों में इजाफा किया है. हाई और लो टेंशन इंडस्ट्रीज सप्लाई बिजली दर में 15 पैसे की बढ़ोतरी की गयी है. रेलवे और मिलिट्री सर्विस की बिजली महंगी हो गयी है. आयोग ने सिंचाई एवं कृषि कार्य के कंज्यूमरों को राहत दी है. इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी. मगर फिक्स चार्ज को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया गया है. नया बिजली टैरिफ 2021-22 की घोषणा झारखंड विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता, मेंबर तकनीकी अतुल कुमार और मेंबर विधि महेंद्र प्रसाद ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान की. इन्होंने बताया कि जेबीवीएनएल ने 17 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, मगर हमने जेबीवीएनएल और कंज्यूमरों दोनों की बातों और विचारों को सुनते हुए इसे साढ़े छह प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मंजूरी दी है. यह बढ़ोतरी पूरे राज्य में 1 जून 2023 से प्रभावी मानी जायेगी.

समझें कैसे किस केटेगरी के कंज्यूमरों की जेब होगी ढीली

2021-22 का टैरिफ (प्रति यूनिट दर)

श्रेणी            वर्तमान दर - वर्तमान फिक्सड चार्ज (मासिक) - प्रस्तावित दर -प्रस्तावित फिक्सड चार्ज (मासिक) घरेलू (ग्रामीण)  -5.75    - 20-                                          5.80                     -50 घरेलू (अर्बन)   -6.25    -100-                                       6.30                       -100 घरेलू (एचटी)  -6.00/केवीए-100/केवीए-6.15/केवीए-150/केवीए कॉमर्शियल (रुरल 5 केवीए से अधिक) -5.75-50-5.80-100/केवीए कॉमर्शियल (अरबन) -6.00-100/केवीए-6.15-150/केवीए सिंचाई     -5-20/एचपी-5.00-40/एचपी एलटीआइएस  -5.75/केवीएएच-100/केवीए-5.90/केवीएएच-150/केवीए एचटीआइस  -5.50/केवीएएच-350/केवीए-5.65/केवीएएच-400/केवीए स्ट्रीट लाइट सर्विस   -6.25-100/केवी-6.30-150/केवीए रेलवे                  -5.25/केवीएएच -350/केवीए-5.40/केवीएएच-400/केवीए मिलिट्री                -5.25/केवीएएच-350/केवीए-5.40/केवीएएच-400/केवीए अन्य वितरण लाइसेंसी  -5.25/केवीएएच-350/केवीए-5.40/केवीएएच-400/केवीए

कंज्यूमरों के हित में आयोग का महत्वपूर्ण निर्णय

  • यदि उपभोक्ता बिल तिथि के 5 दिनों के भीतर भुगतान करता है, तो उपभोक्ता को बिल के भुगतान पर 2 प्रतिशत की तत्काल छूट मिलेगी.
  • ऑनलाईन या किसी डिजिटल मोड के माध्यम से किए गए बिल की पूरी राशि की ड्यू तिथि के भीतर भुगतान की गई राशि पर 1 प्रतिशत छूट मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 250 रुपये तक होगी.
  • लोड फैक्टर रिबेट सभी उपभोक्ताओं को दिया जाएगा. जिनका लोड फैक्टर 65 प्रतिशत से अधिक होगा. जिसकी अधिकतम सीमा 15 प्रतिशत होगी.
  • वोल्टेज छूट केवल ऊर्जा शुल्क पर लागू होगी. यदि उपभोक्ता जेएसईआरसी. (विद्युत आपूर्ति कोड) के तहत आते हैं, तो वोल्टेज छूट 33 केवी पर 3 प्रतिशत, 132 केवी पर 5 प्रतिशत तक होगी.
  • फिक्स चार्ज वसूली घंटों को आपूर्ति संख्या से जुड़ा होगा. एचटी कंज्यूमरों के लिए कम से कम 23 घंटे और एलटी कंज्यूमरों को 21 घंटे बिजली आपूर्ति समय रखा गया.
  • प्रीपेड मीटरिंग पर स्विच करने एवं प्रीपेड मीटर लगाने के एक महीने के भीतर जमा पूरी सिक्यूरिटी मनी वापसी की जाएगी.
  • आयोग ने हर महीने 1 प्रतिशत की छूट को बरकरार रखा है. जिसकी अधिकतम सीमा बिलिंग राशि के 3 प्रतिशत तक होगा यदि बिल लगातार 2 महीनों तक नहीं दी जाती है तो.

चार साल बाद बढ़ी बिजली दर, अभी लागू है 2019-20 का बिजली टैरिफ

आयोग ने बताया कि यह मल्टी टैरिफ है. यानी शेष बचे वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 को मिलाकर यह बढ़ोतरी की गयी है. शेष बचे वित्तीय वर्ष का आयोग केवल जेबीवीएनएल के वित्तीय ट्रू-अप को मंजूर करेगा. इस साल नवंबर में जेबीवीएनएल द्वारा वित्तीय वर्ष 24-25 के लिए जो नया टैरिफ प्लान दायर करेगा, उस पर आयोग आगे का निर्णय लेगा. मालूम हो कि अभी राज्य में वित्तीय वर्ष 2019-20 का टैरिफ लागू है. 2020-21 में आयोग ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी. जबकि इसके बाद तीन वित्तीय वर्ष में आयोग डिफंक्ट होने के कारण कार्यवाही नहीं हो सकी. इसे भी पढ़ें – YBN">https://lagatar.in/ybn-university-case-police-sent-13-students-involved-in-ruckus-and-sabotage-to-jail/">YBN

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