Ranchi : झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने मोडालिटिज ऑफ टैरिफ डिटरमिनेशन रेगुलेशन 2023 का ड्राफ्ट कर लोगों से आपत्तियां मंगायी थी. इस मुद्दे पर जनसुनवाई भी की, जिसमें बिजली संचरण निगम, बिजली वितरण निगम लिमिटेड समेत चेंबर के प्रतिनिधि शामिल हुए. इस रेगुलेशन के अनुसार आने वाले समय में बिजली के उत्पादन, संचारण और वितरण का टैरिफ कैसे निर्धारित होगा, यह तय होगा. रेगुलेशन में कहा गया है कि इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण होना और इसकी लागत 175 करोड़ रुपये से अधिक है, तो इसे टैरिफ बेस्ड कंपीटिटिव बिडिंग से ही निष्पादित होगा. इसी तरह एक अन्य प्रावधान है कि टैरिफ निर्धारण में किसी भी समय आयोग अधिनियम के किसी भी प्रावधान को शिथिल कर सकता है.
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चेंबर ने आपत्ति दर्ज करायी
जनसुनवाई के दौरान एफजेसीसीआइ चेंबर ने आयोग के रेगुलेशन पर आपत्ति जतायी. खास कर टैरिफ निर्धारण में किसी प्रावधान को बदलने की शक्ति पर एतराज जताया गया. इसमें कहा गया है कि कोई भी प्रावधान बदलना है तो पहले सभी उपभोक्ताओं को राय लेकर ही बदला जाये. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-budget-of-1-lakh-16-thousand-418-crore-special-focus-on-disaster-and-health/">झारखंड: 1 लाख 16 हजार 418 करोड़ का बजट, आपदा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस [wpse_comments_template]
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