निपेन दास पर UAPA के तहत कार्रवाई की गयी है. इसके अलावा आपराधिक साजिश रचने, असम पिज्नर्स ऐक्ट के तहत भी उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है. Guwahati : असम स्थित डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार के अधीक्षक निपेन दास को कट्टरपंथी खालिस्तान समर्थक संगठन वारिस पंजाब दे से संबंधित कैदियों के कब्जे से स्मार्टफोन समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किये जाने के मामले में आज शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि जेल अधिकारी को ढिलाई बरतने के आरोप में आज तड़के गिरफ्तार किया गया. निपेन दास पर UAPA के तहत कार्रवाई की गयी है. इसके अलावा आपराधिक साजिश रचने, असम पिज्नर्स ऐक्ट के तहत भी उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है.
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एसपी राकेश रेड्डी ने कहा, जेल के अंदर की तलाशी में कई उपकरण बरामद हुए
जेल अधीक्षक निपेन दास की गिरफ्तारी को लेकर एसपी डिब्रूगढ़ राकेश रेड्डी ने कहा कि कुछ दिन पहले जेल के अंदर तलाशी ली गयी थी, जहां हमें जेल परिसर के अंदर मोबाइल फोन, कीपैड के साथ रिमोट और अन्य डिवाइस मिले. उस मामले के आधार पर, हमने एक जांच शुरू की है और हमने कुछ तकनीकी डेटा भी एकत्र किया है... हमने पाया कि जेल अधिकारियों, विशेष रूप से अधीक्षक और अन्य लोगों के बीच एक सांठगांठ है और इस कारण से, हमने एक नया मामला दर्ज कर निपेन दास को गिरफ्तार कर लिया.
कारागार की कोठरियों से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किये गये थे
असम के डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार की उन कोठरियों से पिछले माह कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किये गये थे, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत गिरफ्तार किये गये कैदियों को रखा गया है. अधिकारी ने बताया कि डिब्रूगढ़ जेल अधिकारी की गिरफ्तारी इसी मामले में की गयी है. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीपी सिंह ने बताया था कि जेल परिसर की तलाशी लेने पर सिम कार्ड के साथ एक स्मार्टफोन, एक सामान्य फोन, कीबोर्ड के साथ एक टीवी रिमोट, एक स्पाईकैम पेन, पेन ड्राइव, ब्लूटूथ हेडफोन और स्पीकर जैसे विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए थे.
रासुका ब्लॉक के सार्वजनिक क्षेत्र में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाये गये
श्री सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिये बताया था कि अनधिकृत गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद रासुका ब्लॉक के सार्वजनिक क्षेत्र में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. उन्होंने कहा था कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और एहतियातन कदम उठाये जा रहे हैं. खालिस्तान समर्थक संगठन वारिस पंजाब दे (डब्ल्यूपीडी) के प्रमुख अमृतपाल समेत इसके 10 सदस्य डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं. इस कट्टरपंथी समूह के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पंजाब के विभिन्न हिस्सों से इन लोगों को रासुका के तहत गिरफ्तार किया गया था और वे पिछले साल से इस जेल में बंद हैं.
डिब्रूगढ़ जेल का निर्माण 1859-60 में ब्रिटेन के शासन के दौरान हुआ था
पंजाब से कट्टरपंथी समूह के सदस्यों को डिब्रूगढ़ जेल लाये जाने के बाद से कारागार में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गयी, जिसके तहत जेल में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे और खराब कैमरों की मरम्मत की गयी थी या उन्हें बदला गया था. पूर्वोत्तर भारत के सबसे पुराने और उच्च सुरक्षा वाले कारागारों में शामिल डिब्रूगढ़ जेल का निर्माण 1859-60 में ब्रिटेन के शासन के दौरान हुआ था. [wpse_comments_template]
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