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एलन मस्क के वकील का आरोप, Twitter ने व्हिसलब्लोअर को चुप रहने के लिए 70 लाख डॉलर दिये

 
Washington : एलन मस्क के वकील ने आरोप लगाया है कि Twitter ने एक व्हिसलब्लोअर को चुप रहने के लिए लगभग 55 करोड़ रुपए (70 लाख डॉलर) दिये थे. कहा कि यह पैसे इसलिए दिये गये क्योंकि इस व्हिसलब्लोअर ने ट्विटर की परिचालन समस्याओं को लेकर सवाल खड़े किये थे. जान लें कि बिजनेस जगत और सोशल मीडिया की सबसे चर्चित डील में से एक ट्विटर की डील कॉरपोरेट युद्ध में बदल गयी है. इसे भी पढ़ें : ब्‍लूमबर्ग">https://lagatar.in/bloomberg-report-claims-shortage-of-weapons-in-indian-army-air-force-navy-reason-is-make-in-india/">ब्‍लूमबर्ग

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44 अरब डॉलर की डील टूटने के बाद यह मामला कोर्ट में

Twitter और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के बीच 44 अरब डॉलर की डील टूटने के बाद यह मामला कोर्ट में चला गया है. इस मामले में दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ कुछ न कुछ खुलासा करते रहे हैं. बयानबाजी करते रहे है. जान लें कि इस डील की पिछली सुनवाई छह सितंबर को हुई थी. कल गुरुवार को सुनवाई के दौरान मस्क के वकील एलेक्स स्पिरो ने कहा, एक व्हिसलब्लोअर पीटर जाटको को शांत रहने के लिए 70 लाख डॉलर का भुगतान किया गया है. इसे भी पढ़ें : ब्रिटेन">https://lagatar.in/britain-after-the-death-of-queen-elizabeth-ii-charles-also-became-the-head-of-australia-canada-and-new-zealand/">ब्रिटेन

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जाटको को सार्वजनिक रूप से कहीं कुछ नहीं बोलना था

हालांकि ट्विटर के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को कंपनी के पूर्व सुरक्षा प्रमुख जाटको को 70 लाख डॉलर के पेमेंट को लेकर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस मामले में रिपोर्ट प्रकाशित की थी. अखबार ने मामले से परिचित अज्ञात लोगों का हवाला से लिखा कि भुगतान जाटको के ट्विटर छोड़ने के बाद एक समझौते के तहत किया गया था. इस डील के अनुसार जाटको को सार्वजनिक रूप से कहीं कुछ नहीं बोलना था. लेकिन वे सरकारी व्हिसल-ब्लोअर के रूप में काम कर सकते थे.

मस्क  ने फर्जी अकाउंट्स को लेकर सवाल उठाया था

ट्विटर डील की बात करें तो जब इस मामले में जब मस्क पीछे हटे तो उन्होंने फर्जी अकाउंट्स को लेकर सवाल उठाया था. जिस जाटको को पेमेंट करने का आरोप लगा है वो ट्विटर का पूर्व सुरक्षा अधिकारी है. अब व्हिसलब्लोअर बने पीटर जाटको का कहना है कि ट्विटर ने अमेरिकी नियामकों को फर्जी खातों व हैकरों के खिलाफ सुरक्षा को लेकर गुमराह किया. पीटर ने 84 पन्नों की शिकायत में कहा है कि ट्विटर द्वारा यूजर्स के डाटा की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था का दावा झूठा था.

ट्विटर पर गंभीर आरोप

पिछले माह अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग, संघीय व्यापार आयोग और न्याय विभाग में दर्ज कराई गयी शिकायत में जाटको ने कहा है कि ट्विटर ने  स्वचालित बॉट्स की संख्या कम बताई.  कंपनी की प्राथमिकता में सुरक्षा सबसे नीचे है. [wpse_comments_template]
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