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महीनों से वेतन के इंतजार में रांची के 7 आश्रय गृह के कर्मचारी, कौन देगा पता नहीं

  • 10 लाख से कम आबादी वाले शहर में आश्रय गृह बंद करने का फैसला लिया गया है
  • रांची जैसे 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के आश्रय गृह कैसे चलेंगे, इस पर संशय
Tarun Kumar Chaubey Ranchi : रांची के 10 में से 7 आश्रय गृह में काम करने कर्मचारियों को पिछले कई महीनों से वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है. यहां काम करनेवाले कर्मचारियों ने बताया कि फिलहाल उन्हें नहीं पता कि वेतन का भुगतान कौन करेगा. एक आश्रय गृह में दो कर्मचारी होते हैं. केयर टेकर और मैनेजर. उन्हें पिछले कई महीनों से पैसे नहीं मिले हैं. केंद्र सरकार के आदेश के बाद 10 लाख से कम आबादी वाले शहर में आश्रय गृह बंद करने का फैसला लिया जा चुका है. लेकिन फंड रोके जाने के बाद रांची जैसे 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के आश्रय गृह कैसे चलेंगे, इस पर संशय बना हुआ है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/whatsapp-image-2023_04_08-at-18.03.06_83.jpg"

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कहीं पांच तो कहीं तीन महीने से वेतन नहीं

खादगढ़ा स्थित पुरुष आश्रय गृह के कर्मचारी अखिलेश कुमार ने बताया कि उन्हें पिछले 5 महीने से वेतन नहीं मिला है. वेतन मांगे जाने पर एजेंसी के अधिकारी बहाना बना कर बात टाल देते हैं. खादगढ़ा में ही स्थित महिला आश्रय गृह महिलाओं के लिए शहर में इकलौता आश्रय गृह है. वहां की कर्मचारी ललिता कुमारी ने कहा कि उनको पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है. एजी मोड़ स्थित आश्रय गृह में काम करने वाले इरफान अंसारी ने बताया कि उनका पिछले पांच महीने से वेतन बकाया है. बकरी बजार, धुर्वा, जगरनाथपुर और आईटीआई के आश्रय गृह के कर्मचारियों को भी पिछले 3 महीने से वेतन नहीं मिला है.

एजेंसी के पास थी जिम्मेदारी, अब निगम को जिम्मा

पहले रांची के सभी आश्रय गृह की जिम्मेवारी 5 एजेंसी- सैफ अप्रोच, फुरिदा, साई ब्यूटी एंड हेल्थ केयर, सदीक मासिक मेडिकल सोशल सर्वेंट सोसाइटी व सहगोनी के पास थी. लेकिन केंद्र के फैसले के बाद आश्रय गृहों को चलाने का जिम्मा नगर निगम को दे दी गई है. आदेश के बाद 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में आश्रय गृह कैसे संचालित होंगे, इस पर केंद्र या राज्य सरकार की ओर से किसी भी तरह का दिशा- निर्देश जारी नहीं किया गया है. निगम के अधिकारियों ने बताया कि बस पत्र के माध्यम से इतना कहा गया है कि अब एजेंसी की जगह आश्रय गृह का संचालन निगम करेगा. इसका संचालन कैसे करना है, इसका दिशा-निर्देश कुछ दिनों में मिल जाएगा.

34 हजार से 50 हजार तक दिये जाते थे

रांची शहर में कुल 10 आश्रय गृह हैं. महिलाओं के लिए सिर्फ 1 आश्रय गृह आरक्षित है. आदेश से पहले 10 बेड या उससे अधिक बैड वाले आश्रय गृह को महीने के 34 हजार मिलता था. 25 बेड से अधिक वाले आश्रय गृह को एक महीने में 50 हजार रुपये दिए जाते थे.

रांची में कहां-कहां हैं आश्रय गृह

1. बिरसा मुंडा टर्मिनल परिसर खादगढ़ा 50 बेड वाला 2. बिरसा मंडप मास्टर मेरा परिसर खादगढ़ा महिलाओं के लिए 50 बेड 3. धुर्वा बस स्टैंड के समीप 16 बेड 4. एजी मोड़ डोरंडा के समीप 10 बेड वाला 5. जगराज मंदिर के समीप 15 बेड वाला 6. मधुकम चूना भट्ठा 10 बेड वाला 7. आईटीआई बस स्टैंड के समीप 8 बेड वाला 8. कर्बला चौक के समीप 10 बेड वाला 9. रिंग्स परिषद में 24 बेड वाला 10. बकरी बाजार में 10 बेड वाला इसे भी पढ़ें – राजस्थान">https://lagatar.in/royal-victory-of-rajasthan-absence-of-rishabh-pant-delhi-team-proving-to-be-sluggish/">राजस्थान

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