Ranchi / New Delhi : मनरेगा में मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं हो रहा है. वहीं NMMS ऐप के जारिय मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने के बाद से रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में भारी कमी दर्ज की गई है. दिसंबर में जहां 91 लाख 47 हजार 815 रोजगार सृजन हुआ, वहीं चालू माह फरवरी में मात्र 41 लाख 85 हजार 650 कार्य दिवस ही सृजन हो पाया है. इस बीच दिल्ली में मनरेगा मजदूरों ने बजटीय कटौती के विरोध में जंतर मंतर पर धरना दे रहे हैं. धरना 13वें दिन भी जारी रहा. मजदूरों की मांग है कि लंबित मजदूरी का भुगतान हो. NMMS ऐप लागू करने के 30 जनवरी, 2023 के आदेश को वापस लिया जाए.
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40% ग्राम पंचायत NMMS का उपयोग नहीं करती हैं
ग्रामीण विकास मंत्रालय के MIS डेटा के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में बजट आवंटन के अनुसार प्रति सक्रिय परिवार उत्पन्न होने वाले संभावित काम के दिनों के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. यह अंतर उच्चतम औसत केवल 49 दिनों तक की है. जीडीपी के प्रतिशत के रूप में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आवंटन लगभग 0.198% है, जो नरेगा के इतिहास में अब तक का सबसे कम है. दूसरा, लंबित वेतन एक मानक बन गया है. मजदूरी 15 दिनों के भीतर खातों में जमा किया जाना चाहिए, लेकिन केंद्र को ऐसा करने में अक्सर महीने लग जाता है. तीसरा, एमओआरडी द्वारा रिपोर्ट किए गए डेटा से पता चलता है कि 17 राज्यों में ग्राम पंचायतों में एनएमएमएस डिवाइस के उपयोग का कोई रिकॉर्ड नहीं है. राष्ट्रीय स्तर पर, 40% ग्राम पंचायत NMMS का उपयोग नहीं करती हैं. इसे भी पढ़ें – भुरकुंडा">https://lagatar.in/amba-prasads-mla-representative-bitka-bauri-shot-dead-in-bhurkunda/">भुरकुंडामें अंबा प्रसाद के विधायक प्रतिनिधि बितका बाउरी को गोलियों से भूना, मौत [wpse_comments_template]
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