अतिक्रमण की सूचना दी गई पर कार्रवाई नहीं की गई
इस आवेदन में कहा था कि पूर्व में भी 5 अप्रैल 2008 के द्वारा भी अतिक्रमण की सूचना दी गई पर कार्रवाई नहीं की गई. निरंतर शिक्षा विभाग की भूमि का अतिक्रमण कर बिल्डिंग बनता रहा. प्रभारी प्राचार्य शशि कांत पाठक ने ज्ञापांक 9 दिनांक 21 फरवरी 2017 को जिला शिक्षा पदाधिकारी पलामू को पुनः जमीन अतिक्रमण किए जाने का पत्र लिखा. इस पत्र में प्राचार्य ने कहा है कि भूमि अतिक्रमण कर भवन निर्माण करने की सूचना पूर्व में भी पत्रांक 30 दिनांक 23 अगस्त 2014 एवं पत्रांक 44/47 दिनांक 8 दिसंबर 2003 द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक पलामू प्रमंडल मेदनीनगर, निदेशक झारखंड रांची को भी लिखा गया था. उन्होंने पत्र में लिखा है कि महाविद्यालय के भूमि पर आधे से ज्यादा भूमि पर अंचल ,प्रखंड कार्यालय, बीआरसी (शिक्षा विभाग),कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं अन्य भवन का निर्माण हो जाने के कारण आधे से भी कम भूमि महाविद्यालय की शेष रह गई है. उन्होंने महाविद्यालय की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराते हुए 25.09 एकड भूमि पर चाहरदीवारी बनाने की की मांग की थी.थाने से लेकर शिक्षा सचिव तक को लिखा पत्र
वर्तमान क्लर्क शीतल कुशवाहा ने महाविद्यालय की भूमि का सीमांकन करने और अतिक्रमण कर बनाए भवन को हटाने की मांग 2 जनवरी 2023 तथा 2 फरवरी 2023 को सीओ के अलावा क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक पलामू प्रमंडल मेदिनीनगर, थाना प्रभारी सतबरवा, पुलिस अधीक्षक पलामू, अनुमंडल पदाधिकारी सदर मेदिनीनगर, उपायुक्त पलामू, आयुक्त पलामू, निदेशक प्राथमिक शिक्षा स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड, निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रांची, निदेशक माध्यमिक शिक्षा स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए सादर समर्पित किया था. क्लर्क शीतल कुशवाहा ने बताया कि आज तक ना जमीन का सीमांकन किया गया ना भूमि से अतिक्रमण हटाया गया. इसे भी पढ़ें - केरल">https://lagatar.in/kerala-high-court-said-landslide-in-wayanad-is-an-example-of-human-indifference-greed/">केरलहाईकोर्ट ने कहा, वायनाड में भूस्खलन मानवीय उदासीनता, लालच का उदाहरण… सहित राष्ट्रीय खबरें एक नजर में [wpse_comments_template]
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